कोरबा। प्रदेश की सड़कों पर इन दिनों भारी वाहनों और मवेशियों की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। बारिश में सड़कें मानो गौठान बन गई हैं, जहां मवेशी चौबीसों घंटे बैठे रहते हैं। इसी लापरवाही के चलते रविवार को एक ट्रेलर की चपेट में आने से एक गाय की मौत हो गई। घटना से गुस्साए भूविस्थापितों और स्थानीय ग्रामीणों ने भारी वाहन को रोक दिया और जमकर विरोध जताया।
🐄 सड़कों पर बैठे मवेशी बन रहे हादसों का कारण
प्रदेशभर में गायों और मवेशियों का सड़कों पर बैठना आम बात हो गई है। इसके कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ खुद मवेशियों की भी जान जा रही है। बावजूद इसके प्रशासन और सरकार की तरफ से इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के नेशनल हाईवे की तस्वीरें
💰 गौठानों में करोड़ों खर्च, फिर भी समस्या जस की तस
कांग्रेस सरकार ने मवेशियों की देखरेख के लिए गौठान योजना शुरू की थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इसमें करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज भी सड़कों पर मवेशी खुलेआम घूम रहे हैं। भ्रष्टाचार और लापरवाही की वजह से यह योजना धरातल पर कारगर साबित नहीं हो पाई।
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🚜 बदलते हालात में गोबर की मांग घटी
ग्रामीणों का कहना है कि पहले गोबर का उपयोग घरों की लिपाई और खेतों में खाद के रूप में किया जाता था, लेकिन अब पक्के मकानों और यूरिया खाद के प्रयोग से इसकी मांग कम हो गई है। ऐसे में सरकार को मवेशियों की सुरक्षा और उनकी देखभाल के लिए नई योजना लाने की जरूरत है।
❓ कब बनेगी सरकार “कृष्ण”
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि द्वापर युग में भगवान कृष्ण गायों की रक्षा करते थे, लेकिन आज की सरकार कब इन मूक पशुओं की सुध लेगी? क्या प्रशासन और सरकार कोई ऐसा ठोस कदम उठाएंगे जिससे मवेशियों और आम जनता को राहत मिल सके?












