कोरबा में हंगामे के बाद बदले गए जिला सेनानी, अनुज एक्का रायपुर अटैच, योगिता साहू ने संभाली कमान
कोरबा में नगर सैनिकों का गुस्सा आखिरकार रंग ले ही आया।
लगातार दो महीने से चल रहे विरोध, शिकायतों और धरना-प्रदर्शन के बाद जिला सेनानी अनुज एक्का को रायपुर अटैच कर दिया गया है। उनकी जगह अब योगिता साहू ने कोरबा जिले की कमान संभाल ली है।
गुरुवार को जैसे ही योगिता साहू ने पदभार संभाला, उन्होंने सीधे सैनिकों से बात करने का रास्ता चुना और एक सम्मेलन बुला डाला।
🎤 “विभाग की छवि खराब हो रही है, इसे सुधारना होगा”
सैनिकों से बात करते हुए नई जिला सेनानी ने साफ शब्दों में कहा –
“विभाग की छवि धूमिल हो रही है, और इसे अब ठीक करना बहुत ज़रूरी है।”
उन्होंने सैनिकों को भरोसा दिलाया कि हर समस्या सुनी जाएगी और हर सैनिक बराबर है – चाहे वो महिला हो या पुरुष।
👩‍✈️ कौन हैं योगिता साहू?
योगिता साहू 2017 से विभाग में सेवाएं दे रही हैं।
साढ़े चार साल जशपुर में रहीं
फिर जांजगीर-चांपा पोस्टिंग
पिछले दो साल से सक्ती जिले का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही थीं
अब उन्हें कोरबा की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है – वो भी ऐसे वक्त में जब मामला काफी गरमाया हुआ है।
⚠️ दो महीने से उबल रहा था गुस्सा
कोरबा में तैनात नगर सैनिक पिछले दो महीनों से पूर्व जिला सेनानी अनुज एक्का के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
शिकायतें ऊपर तक गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
मामला तब और गंभीर हो गया जब एक बर्खास्त सैनिक ने ज़हर खा लिया।
🪧 इसके बाद फूटा गुस्सा, धरने पर बैठे सैनिक
इस घटना के बाद मंगलवार को सैनिक सड़क पर उतर आए और धरने पर बैठ गए।
तब जाकर विभाग के आला अधिकारी हरकत में आए और फौरन योगिता साहू को कोरबा भेजने का आदेश जारी किया गया।
🗣️ सैनिकों ने खोली अपनी पीड़ा
सम्मेलन में सैनिकों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं —
काम का दबाव
व्यवहार से जुड़ी शिकायतें
और एक साथी की बर्खास्तगी का मामला
योगिता साहू ने सब कुछ ध्यान से सुना और भरोसा दिलाया कि:
“आप अपनी शिकायत सीधे मुझसे कर सकते हैं, बीच में कोई दीवार नहीं होगी।”
✅ अब आगे क्या?
नई जिला सेनानी ने सैनिकों से अपील की कि वे ईमानदारी और निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभाएं, और भरोसा दिलाया कि अब मनमानी नहीं, समाधान होगा।