August 11, 2026

गणतंत्र दिवस पर कोरबा वन मंडल की झांकी ने दिया भारतीय पैंगोलिन संरक्षण का सशक्त संदेश, झांकी व परेड दोनों में मिला द्वितीय स्थान

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कोरबा।
26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह में कोरबा वन मंडल द्वारा प्रस्तुत भारतीय पैंगोलिन (Indian Pangolin / कहट) संरक्षण पर आधारित जागरूकता झांकी ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस झांकी ने न केवल लोगों को जागरूक किया, बल्कि उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए इसे द्वितीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।
झांकी के माध्यम से आम नागरिकों को भारतीय पैंगोलिन के महत्व, उसके पारिस्थितिक योगदान, अवैध शिकार, गैरकानूनी व्यापार और उस पर मंडरा रहे खतरों के प्रति प्रभावी संदेश दिया गया। यह झांकी कटघोरा एवं कोरबा वन मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार की गई, जिसमें वन विभाग के मैदानी अमले की सक्रिय भागीदारी रही।
झांकी का मुख्य उद्देश्य यह बताना था कि भारतीय पैंगोलिन एक संरक्षित एवं संकटग्रस्त वन्यजीव है, जिसकी तस्करी और अवैध शिकार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। झांकी में पैंगोलिन के प्राकृतिक आवास, उसकी विशिष्ट शल्क (Scales), कीट नियंत्रण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका तथा मानव गतिविधियों से उत्पन्न खतरों को रचनात्मक और शैक्षणिक रूप में दर्शाया गया।
साथ ही यह भी संदेश दिया गया कि वन्यजीवों का संरक्षण ही जैव विविधता और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला है।
🏅 परेड में भी वन विभाग का शानदार प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित परेड में भी कोरबा वन मंडल ने भाग लिया, जिसमें वन रक्षकों (Forest Guards) ने अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट तालमेल का शानदार प्रदर्शन किया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए परेड में भी कोरबा वन मंडल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
🌿 टीमवर्क का नतीजा: दो ट्रॉफी वन विभाग के नाम
इस वर्ष वन विभाग को मिली दोहरी सफलता के पीछे डीएफओ प्रेमलता यादव एवं निशांत कुमार का कुशल मार्गदर्शन तथा एसडीओ आशीष खेलवार एवं सूर्यकांत सोनी की सतत निगरानी रही।
इसके साथ ही कोरबा रेंजर मृतुंजय शर्मा, कमलेश कुम्हार, अर्जुन कंवर, जितेंद्र सारथी, सिद्धांत जैन सहित पूरे स्टाफ की विशेष भूमिका रही। सीमित समय में भारतीय पैंगोलिन पर आधारित झांकी को तैयार करने के लिए कड़ी मेहनत की गई और प्रोफेशनल परेड में उत्कृष्ट स्थान पाने के लिए लगातार रिहर्सल की गई, जो पूरी तरह सफल रही।
इस उपलब्धि के लिए वन विभाग की पूरी टीम बधाई की पात्र है।

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