कोरबा: कुसमुंडा इमली छप्पर वार्ड 64 में रेलवे कार्रवाई का विरोध, बस्तीवासियों ने किया सड़क जाम

कोरबा: कुसमुंडा इमली छप्पर वार्ड 64 में रेलवे कार्रवाई का विरोध, बस्तीवासियों ने किया सड़क जाम

कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत इमली छप्पर वार्ड क्रमांक 64 में आज उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब रेलवे विभाग द्वारा मकानों को चिन्हांकित कर तोड़े जाने की सूचना सामने आई। रेलवे लाइन विस्तार कार्य के चलते रेलवे पटरी के किनारे बसे लोगों को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था, जिसके अनुसार 18 तारीख को कार्रवाई सुनिश्चित बताई गई थी।

बताया जा रहा है कि इस परियोजना के तहत इमली छप्पर बस्ती में रह रहे लगभग 200 से 210 परिवारों के मकान प्रभावित हो रहे हैं। रेलवे द्वारा घर-घर नोटिस वितरित किए जाने के बाद आज जब कार्रवाई की आशंका बनी, तो बस्तीवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुस्साए लोगों—जिसमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग सभी शामिल थे—ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

स्थिति की जानकारी मिलते ही कुसमुंडा थाना प्रभारी युवराज तिवारी तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। कुछ घंटों बाद दीपिका तहसीलदार प्रियंका चंद्रा भी मौके पर पहुंचीं। तहसीलदार की उपस्थिति में बस्तीवासियों, थाना प्रभारी और क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों के बीच बातचीत हुई।

बस्तीवासियों का कहना है कि वे पिछले लगभग 50 वर्षों से इमली छप्पर में निवास कर रहे हैं और यह उनकी पुरखों की जमीन है। यदि मकानों को तोड़ा जाता है तो उन्हें पहले वैकल्पिक और सुनिश्चित स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि करीब 220 मकानों के परिवारों का पुनर्वास हो सके। लोगों ने स्पष्ट कहा कि बिना पुनर्वास के वे अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

बैठक के बाद सहमति के आधार पर बस्तीवासियों ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार को लिखित आवेदन सौंपा। प्रशासन ने मामले पर विचार कर उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।