मदन दास की रिपोर्ट
कोरबा/कटघोरा। कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सराय सिंगार में एक किसान के पैरावट में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते बड़ी मात्रा में पैरा जलकर खाक हो गया और ग्रामीणों के मकानों तक आग फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया।
धान की कटाई के बाद गांव के कई किसानों द्वारा पैरा एकत्र कर रखा गया था। इसी दौरान अचानक आग लग गई, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 को दी गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद न तो डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और न ही अग्निशमन विभाग की दमकल वाहन।
मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए रातभर कड़ी मशक्कत की। घरों से पानी लाकर और आपसी सहयोग से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों की सतर्कता और सूझबूझ से आग को फैलने से रोका गया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। घंटों की मेहनत के बाद आग पर लगभग 50 प्रतिशत तक नियंत्रण पाया जा सका।
स्थिति इतनी गंभीर थी कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन प्रशासनिक सहायता के अभाव में ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझानी पड़ी।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण इलाकों में आपात स्थिति के दौरान शासन-प्रशासन की अनदेखी क्यों की जाती है। यदि समय पर दमकल और पुलिस सहायता मिल जाती, तो किसानों को भारी नुकसान से बचाया जा सकता था।











