नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा।
जिला खनिज न्यास (DMF) और मध्य क्षेत्र विशेष आदिवासी विकास प्राधिकरण की करोड़ों की राशि पंचायतों में विकास कार्यों के लिए जारी की गई थी, लेकिन 13 ग्राम पंचायतों में अधिकांश काम वर्षों से अधूरे पड़े हैं। कई सचिवों और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने राशि आहरित कर ली, पर निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिए। अब जनपद पंचायत प्रशासन ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर संबंधितों को नोटिस जारी कर दिया है।
3 महीनों में काम पूरा करो, नहीं तो होगी वसूली
जनपद कोरबा के सीईओ खगेश निर्मलकर ने साफ कहा है कि सभी सचिवों और जनप्रतिनिधियों को नोटिस देकर 3 महीने की समय सीमा दी गई है। समय पर कार्य पूर्ण नहीं करने पर आहरित रकम की वसूली की जाएगी।
किन-किन पंचायतों में अधूरे पड़े काम?
1. अखरापाली
- सीसी रोड निर्माण – 12 लाख स्वीकृत
- 12 लाख खर्च के बाद भी 50% कार्य अधूरा
2. अरसेना (2019-20)
- नाली निर्माण – 10 लाख
- पूरी राशि निकालने के बाद भी काम बंद
3. बरपाली
- हायर सेकेंडरी स्कूल में आहाता निर्माण – 19 लाख स्वीकृत
- 9.50 लाख खर्च, 100 मीटर काम अधूरा
4. बेंदरकोना (2018-19)
- तालाब में रिटर्निंग वाल – 16 लाख स्वीकृत
- 12.80 लाख खर्च, 7 साल से अधूरा
5. मदनपुर
- प्राथमिक शाला प्रार्थना शेड – 8.81 लाख
- 3.25 लाख खर्च, फिर भी काम रुका
- देवगुड़ी निर्माण – 4.50 लाख, अधूरा
6. कुकरीचोली (2024-25)
- सीसी रोड – 10 लाख स्वीकृत, 6 लाख खर्च, काम बंद
7. पताढ़ी
- सीसी रोड – 9 लाख, 4.50 लाख आहरित, 3 साल से अधूरा
8. सकदुकला व तौलीपाली
- क्रमशः 12 लाख व 10 लाख की स्वीकृति
- 40% राशि निकालकर कार्य रोका
9. मुढ़नारा व आश्रित ग्राम
- दो सीसी रोड – (18.07 लाख और 19.91 लाख)
- दोनों में 9.04 व 9.96 लाख निकालकर काम बंद
मानिटरिंग पर उठे सवाल
लंबे समय तक काम ठप रहने से प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल हैं। बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान कर दिया गया, जिसके कारण करोड़ों की राशि खर्च होने के बाद भी विकास कार्य पूरे नहीं हो सके।
प्रशासन का बयान
खगेश निर्मलकर, सीईओ जनपद कोरबा:
“डीएमएफ के सभी अधूरे कार्यों की रिपोर्ट ली गई है। सचिवों और जनप्रतिनिधियों को नोटिस जारी कर दिया गया है। निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं होने पर वसूली की कार्रवाई तय है।”











