छाता जंगल में 12 हाथियों के झुंड से अलग हुआ एक विशालकाय दतेल हाथी अब मुरली ग्राम के जंगल में पहुँच गया है। दो दिन पहले झुंड से बिछड़ने के बाद से यह हाथी लगातार विभिन्न दिशाओं में घूमता हुआ देखा गया है। स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है और ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की अपील की गई है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह दतेल हाथी रात के समय अधिक सक्रिय रहता है, जिसकी वजह से इसके मूवमेंट का अनुमान लगाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। हाथी की लोकेशन लगातार ट्रेस की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति को रोका जा सके।
इस इलाके के गांव—हरदीबाजार, भिलाई बाजार, केसला, हरदीकला, नावा गांव, महुआ डीह, गैंगदेई, अखरा पाली और रंगबेल—के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे रात के समय जंगल के पास न जाएं, खेतों में अकेले कार्य न करें और हाथी दिखने पर भीड़ न लगाएं।
छाता जंगल से बिछड़ा दतेल हाथी अब मुरली ग्राम के जंगलों में सक्रिय, वन विभाग अलर्ट पर
छाता जंगल में 12 हाथियों के झुंड से अलग हुआ एक विशालकाय दतेल हाथी अब मुरली ग्राम के जंगल में पहुँच गया है। दो दिन पहले झुंड से बिछड़ने के बाद से यह हाथी लगातार विभिन्न दिशाओं में घूमता हुआ देखा गया है। स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है और ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की अपील की गई है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह दतेल हाथी रात के समय अधिक सक्रिय रहता है, जिसकी वजह से इसके मूवमेंट का अनुमान लगाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। हाथी की लोकेशन लगातार ट्रेस की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति को रोका जा सके।
इस इलाके के गांव—हरदीबाजार, भिलाई बाजार, केसला, हरदीकला, नावा गांव, महुआ डीह, गैंगदेई, अखरा पाली और रंगबेल—के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे रात के समय जंगल के पास न जाएं, खेतों में अकेले कार्य न करें और हाथी दिखने पर भीड़ न लगाएं।
वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और हाथी को उसके झुंड से दोबारा मिलाने की कोशिश की जा रही है। विभाग का कहना है कि सावधानी और जागरूकता ही इस समय ग्रामीणों की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।











