केशकाल का सपना हुआ पूरा: छत्तीसगढ़ की पहली Twin Tunnel की खुदाई पूरी ने फिर किया बड़ा खुलासा

केशकाल का सपना हुआ पूरा: छत्तीसगढ़ की पहली Twin Tunnel की खुदाई पूरी ने फिर किया बड़ा खुलासा

छत्तीसगढ़। Keshkal Twin Tunnel Breakthrough: छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार बनने वाली 2.8 किलोमीटर लंबी ट्विन टनल का दूसरा भाग भी बुधवार को पूरा हो गया।
और हमेशा की तरह — सबसे पहले इस बड़ी खबर को ने अपने दर्शकों तक पहुंचाया।

पहली टनल की खुदाई अक्टूबर में पूरी हुई थी… और अब दूसरी टनल का ब्रेकथ्रू होते ही टनल के भीतर तिरंगा लहराकर जश्न मनाया गया।

मौके पर केशकाल SDM आकांक्षा नायक, NHAI के अधिकारी और इंजीनियरिंग टीम मौजूद रही।


🚧 464 KM का नया 6-लेन हाईवे – रायपुर से विशाखापत्तनम अब सिर्फ 7 घंटे!

भारत सरकार की Bharatmala Project के तहत रायपुर-विजाग के बीच 464 किमी लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे बन रहा है।
पहले दूरी 588 KM थी… अब 124 KM कम हो जाएगी।

⏳ पहले समय: 13 से 14 घंटे
⏱️ अब यात्रा समय: सिर्फ 7 घंटे

इस हाईवे में केशकाल के पास मांझीनगढ़ पहाड़ के नीचे बनाई जा रही है यह दुनिया-स्तरीय Twin Tunnel।


🏗️ कैसी है यह टनल? क्या-क्या सुविधाएँ होंगी?

✔️ कुल लंबाई: 2.8 KM × 2 (Twin Tunnel)
✔️ कुल दूरी: 5.6 KM
✔️ चौड़ाई: 16–16 मीटर
✔️ हर टनल में: 3-लेन रोड (3 लेन + 3 लेन)
✔️ हर 500 मीटर पर क्रॉस-पैसेज
✔️ Emergency सुविधाएँ:

वेंटिलेशन सिस्टम

हाई-टेक CCTV कैमरे

Emergency Escape Route

Emergency Telephone Booth

काम जनवरी 2024 में शुरू हुआ था और पूरा प्रोजेक्ट सितंबर 2026 तक कम्प्लीट हो जाएगा।


💬 टनल मैनेजर पुल्लैया बोले— “छत्तीसगढ़ का सपना पूरा, बिना दुर्घटना के बड़ी सफलता”

टनल मैनेजर पुल्लाया के अनुसार:

टीम लगातार 24 घंटे काम कर रही थी

रोजाना करीब 20 मीटर खुदाई

किसी भी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई

दूसरा टनल ब्रेकथ्रू होते ही टीम ने तिरंगा लहराकर जश्न मनाया

भारतमाला प्रोजेक्ट के AGM श्रीनिवास ने बताया —
“जैसे आंध्र प्रदेश में त्यौहार तीन दिन मनाते हैं, वैसे ही हमने भी इस खुशी को मनाया। यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है।”


🌟 आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ

टनल और एक्सप्रेसवे बनते ही—

➡️ रायपुर–विशाखापट्टनम कॉरिडोर सबसे तेज़ मार्ग बनेगा
➡️ आंध्र–छत्तीसगढ़ के व्यापार को नई गति मिलेगी
➡️ लॉजिस्टिक्स, माइनिंग, ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बड़ा फायदा
➡️ पर्यटन को नई ऊँचाई
➡️ पहाड़ी इलाकों में हादसे कम होंगे