“हिडमा को कांग्रेसी गले लगाकर रोए”— केंद्रीय राज्य मंत्री का बड़ा आरोप, बोले: कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी नक्सलवाद खत्म हो

“हिडमा को कांग्रेसी गले लगाकर रोए”— केंद्रीय राज्य मंत्री का बड़ा आरोप, बोले: कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी नक्सलवाद खत्म हो

छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से मोस्ट वांटेड माओवादी और कई खूनी वारदातों का मास्टरमाइंड माड़वी हिडमा एक मुठभेड़ में मारा गया है। इस ऑपरेशन को आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउंड कमांडो ने अंजाम दिया। मुठभेड़ में कुल 6 नक्सली ढेर हुए हैं, जिनमें से 4 की पहचान हो चुकी है — हिडमा (CCM), उसकी पत्नी राजे उर्फ राजक्का (DVCM), चेल्लूरी नारायण (SZCM) और टेक शंकर शामिल हैं। सभी पर बड़े नक्सली हमलों का रिकॉर्ड था।

🔴 केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू का बड़ा बयान

हिडमा के खात्मे के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने दावा किया कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ पूरी तरह नक्सल मुक्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि–

नक्सलवाद कांग्रेस सरकार के समय ज्यादा पनपा।

चुनाव में फायदा लेने के लिए कांग्रेस नक्सलियों की मदद लेती थी।

कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि नक्सलवाद खत्म हो।

तोखन साहू ने यह भी आरोप लगाया कि हिडमा की मौत के बाद कुछ कांग्रेसी नेता दुखी नजर आए, जिससे उनके कथित संबंध सामने आते हैं।
उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर सरकार की पुनर्वास नीति में शामिल हों और मुख्यधारा में लौटें।

🔴 मुठभेड़ की पूरी जानकारी (Chhattisgarh Naxal Encounter)

ऑपरेशन अल्लूरी सीताराम जिले के जंगलों में चलाया गया।

सुरक्षा बलों ने बड़े कैडर के 6 नक्सलियों को ढेर किया।

इलाके में अभी भी सर्चिंग और कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है।

मुठभेड़ के बाद क्षेत्र पूरी तरह नियंत्रण में है।

यह कार्रवाई नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों की अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि माड़वी हिडमा दक्षिण बस्तर का सबसे कुख्यात और रणनीतिक कमांडर था।