छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश बॉर्डर से बड़ी खबर सामने आई है। सुरक्षा बलों ने लंबे समय से वॉन्टेड और कई खूनी माओवादी वारदातों के मास्टरमाइंड माड़वी हिडमा को मुठभेड़ में मार गिराया है। इस कार्रवाई में उसकी पत्नी राजे उर्फ राजक्का की भी मौत हो गई। हिडमा को PLGA की बटालियन नंबर–1 का सबसे खतरनाक कमांडर माना जाता था।
Maadvi Hidma: 1 करोड़ का इनामी और CPI (Maoist) का कुख्यात चेहरा
माड़वी हिड़मा पर सरकार द्वारा ₹1 करोड़ का इनाम घोषित था। वह CPI (Maoist) की केंद्रीय समिति में बस्तर से एकमात्र आदिवासी सदस्य था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह 40 से ज्यादा बड़े नक्सली हमलों का संचालक था और लगभग हर बड़े नक्सली हमले में उसका नाम सामने आया।
हिड़मा के प्रमुख खूनी हमले (Madvi Hidma Crime List)
- 2010 – दंतेवाड़ा हमला
76 CRPF जवान शहीद
नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा हमला
- 2013 – झीरम घाटी नरसंहार
27 लोग मारे गए
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की हत्या
- 2017 – बुरकापाल हमला
24 जवान शहीद
- 2021 – सुकमा–बीजापुर हमला
22 सुरक्षाबलों के जवान शहीद
➡️ 2010 से 2023 तक 40+ नक्सली वारदातें
➡️ कम से कम 26 जानलेवा नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड
मुठभेड़ में कैसे ढेर हुआ हिड़मा? (Hidma Bastar Encounter)
सूत्रों के अनुसार आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउंड कमांडो बड़े सर्च ऑपरेशन पर थे, जब अल्लूरी सीताराम जिले के घने जंगलों में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हो गई। इसमें 6 नक्सलियों को मार गिराया गया, जिनमें:
हिड़मा (CCM)
राजे उर्फ राजक्का (DVCM)
चेल्लूरी नारायण (SZCM)
टेक शंकर
की पहचान हो चुकी है। सभी बड़े कैडर के माओवादी थे।
नक्सल नेटवर्क पर सबसे बड़ी चोट
बस्तर में बसवाराजू उर्फ केशव नम्बाला की मौत के बाद, हिड़मा का खात्मा सुरक्षा बलों के लिए अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में सर्चिंग और निगरानी ऑपरेशन तेज कर दी गई है।











