रायपुर में 250 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी, सियासी हलचल तेज — कांग्रेस ने BJP पर साधा निशाना

रायपुर में 250 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी, सियासी हलचल तेज — कांग्रेस ने BJP पर साधा निशाना

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धर्मांतरण को लेकर चल रही सियासी सरगर्मी के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यहां 250 से अधिक ईसाई परिवारों ने ईसाई धर्म त्यागकर सनातन धर्म में वापसी की है।
यह घर वापसी समारोह दही हांडी मैदान, गुढ़ियारी में आयोजित किया गया, जहां स्वामी नरेंद्राचार्य और प्रबल प्रताप सिंह की उपस्थिति में सभी परिवारों ने अपने मूल धर्म में लौटने का संकल्प लिया।

इस कार्यक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।


शिव डहरिया का BJP पर हमला

पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने इस घटना पर कहा कि, “भाजपा समाज को जाति और वर्ण के आधार पर बांट रही है, जिससे असमानता और विरोध की स्थिति बन रही है।”
उनके अनुसार, यही कारण है कि प्रदेश में धर्मांतरण और घर वापसी जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।
डहरिया ने कहा कि ‘घर वापसी’ अब धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रचार का माध्यम बन गई है।


सुशील आनंद शुक्ला का बयान – “भाजपा सरकार जिम्मेदार”

कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि,
“अगर लोग घर वापसी कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि पहले उनका धर्म परिवर्तन हुआ था। और पिछले दो साल से राज्य में भाजपा की सरकार है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी भी भाजपा की बनती है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए धर्मांतरण कोई समस्या नहीं, बल्कि राजनीतिक एजेंडा है।
शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों से समाज में जातीय संघर्ष और विभाजन की स्थिति पैदा हो रही है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भाजपा ने विधानसभा में धर्मांतरण पर कड़ा कानून लाने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।


राजनीति और समाज में फिर गरमाया धर्मांतरण मुद्दा

रायपुर में हुए इस बड़े कार्यक्रम ने एक बार फिर धर्मांतरण और घर वापसी के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है।
जहाँ एक ओर भाजपा समर्थक इसे “संस्कृति की वापसी” बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक स्टंट कह रही है।
अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इस बढ़ते विवाद पर क्या रुख अपनाती है।