कोरबा: कटघोरा विकासखंड के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के ग्राम भेजीनारा में SECL ढेलवाडीह परियोजना की महिला कर्मचारी गंगा बाई मरकाम (पति स्व. मोहन सिंह मरकाम) पर गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने शासन को गलत जानकारी देकर फर्जी तरीके से भूमि पट्टा हासिल किया है, जबकि वह इस योजना की पात्रता शर्तों पर खरी नहीं उतरतीं।
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 के अनुसार पट्टा उन्हीं व्यक्तियों को मिल सकता है —
1️⃣ जिनके नाम पर पूरे देश में कहीं भी भूमि न हो।
2️⃣ जिनके पास पक्का मकान न हो।
3️⃣ जिनकी वार्षिक आय ₹2,50,000 से कम हो।
4️⃣ जिनके परिवार का कोई सदस्य शासकीय सेवा में न हो।
5️⃣ जिनके परिवार के पास चार पहिया वाहन न हो।
लेकिन सूत्रों के मुताबिक, गंगा बाई मरकाम SECL की नियमित कर्मचारी हैं, जो अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद उन्होंने गलत विवरण और झूठे दस्तावेजों के सहारे भेजीनारा गांव में खसरा नंबर 210 की भूमि पर अवैध कब्जा करते हुए पट्टा प्राप्त किया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला “भूमि घोटाले और राजस्व विभाग की गहरी नींद” का जीता-जागता उदाहरण है। राजस्व अमला जहां फर्जीवाड़े पर आंख मूंदे बैठा है, वहीं प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह मौन साधे हुए है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि —
👉 राजस्व विभाग तत्काल जांच दल गठित करे,
👉 फर्जी पट्टा निरस्त किया जाए,
👉 जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।











