कोरबा, 31 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक महिला ने अपने जेठ पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया, लेकिन उसे बचाने की बजाय पति, सास और ससुर ने ही उसकी पिटाई कर दी। इस मामले में अब कोर्ट ने सभी आरोपियों को सजा सुनाई है।
यह मामला उरगा थाना क्षेत्र का है। घटना 6 मार्च 2025 की रात लगभग 8 बजे की बताई गई है। पीड़िता अपने ससुराल के कमरे में थी और उसका पति बाहर गया हुआ था। उसी दौरान उसका जेठ कमरे में आया और दरवाजा बंद कर उसके साथ अश्लील हरकत करने लगा। जब महिला ने विरोध किया और शोर मचाया तो आरोपी वहां से भाग गया।
परिवार ने ही किया हमला
पीड़िता के शोर सुनने के बाद जब सास, ससुर और पति मौके पर पहुंचे तो महिला ने उन्हें पूरी बात बताई। लेकिन महिला की बात सुनने के बजाय तीनों ने उस पर ही गलत इल्ज़ाम लगाने का आरोप लगाते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान आरोपी जेठ फिर से कमरे में आया और महिला के साथ गाली-गलौज और पिटाई की।
पीड़िता को चोटें आईं जिसके बाद उसने थाना उरगा में सभी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पति, ससुर और जेठ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया और मामला अदालत में पेश किया।
अदालत का फैसला
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) कोरबा की न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत में हुई।
अतिरिक्त लोक अभियोजक मोहन सोनी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य और ठोस दलीलें पेश की गईं, जिसके आधार पर अदालत ने निम्न निर्णय सुनाया —
पति एवं ससुर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) एवं 3(5) में दोषी पाते हुए न्यायालय उठने तक की सजा और ₹1000 का अर्थदंड।
जेठ को धारा 74 में 1 वर्ष की सजा + ₹1000 अर्थदंड, धारा 75(2) में 1 वर्ष की सजा + ₹1000 अर्थदंड, तथा धारा 115(2) में न्यायालय उठने तक की सजा और ₹1000 अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह मामला एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। वहीं, न्यायालय द्वारा दिया गया यह फैसला उन महिलाओं के लिए एक मिसाल बनकर उभरा है जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का साहस करती हैं।











