अब ऑनलाइन होगी रेत घाटों की नीलामी, पारदर्शिता बढ़ाने राज्य सरकार का बड़ा फैसला

अब ऑनलाइन होगी रेत घाटों की नीलामी, पारदर्शिता बढ़ाने राज्य सरकार का बड़ा फैसला

रायपुर –
छत्तीसगढ़ सरकार ने रेत खदानों के आवंटन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अब पूरी प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब तक रेत खदानों की नीलामी ऑफलाइन और बंद लिफाफा निविदा प्रणाली से की जाती थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया एमएसटीसी (MSTC) पोर्टल के माध्यम से ई-नीलामी (E-Auction) के जरिए की जाएगी।

राज्य सरकार का यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और अधिक से अधिक पात्र बोलीदाताओं को अवसर देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

🏗️ अब नहीं होगी ऑफलाइन बोली, सबकुछ ऑनलाइन पारदर्शी प्रणाली से

जिले में फिलहाल कई रेत खदानें संचालित हैं। नई व्यवस्था लागू होने से अब इन क्षेत्रों में अवैध उत्खनन और रेत माफियाओं की गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद है। इससे राज्य का राजस्व बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।

अब आम नागरिकों को रेत लेने के लिए किसी एजेंट या बिचौलिए के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं होगी। नई प्रणाली में “एक व्यक्ति, एक खदान” का सिद्धांत लागू किया गया है ताकि सभी पात्र आवेदकों को समान अवसर मिल सके।

📚 ई-नीलामी प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षण आज से

रेत खदानों के आवंटन की नई ऑनलाइन प्रणाली के तहत सभी संबंधित अधिकारी, कर्मी और पात्र बोलीदाताओं को प्रशिक्षण सत्र आज दोपहर 3:30 बजे से आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण एमएसटीसी पोर्टल के उपयोग, लॉगिन प्रक्रिया और ई-नीलामी की तकनीकी जानकारी पर केंद्रित रहेगा।

🌾 लाभ —

रेत खदानों की नीलामी में पूर्ण पारदर्शिता

राजस्व में वृद्धि और अवैध उत्खनन पर नियंत्रण

स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर

रेत की सुलभ आपूर्ति, आम उपभोक्ताओं को राहत

सरकार का यह निर्णय न केवल खनन व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाएगा, बल्कि रेत वितरण में निष्पक्षता और समान अवसर सुनिश्चित करेगा।