SECL कुसमुंडा में ठेका कर्मियों का शोषण उजागर – संगठन ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

SECL कुसमुंडा में ठेका कर्मियों का शोषण उजागर – संगठन ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा खदान में कार्यरत ठेका कर्मियों के साथ लगातार हो रहे शोषण को लेकर मजदूर संगठन ने प्रबंधन को चेतावनी दी है। संगठन ने पत्र जारी कर बताया है कि खदान में ठेका कर्मियों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, बावजूद इसके प्रबंधन मौन है।

संगठन ने आरोप लगाया है कि—

1️⃣ कई ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों को वार्षिक बोनस (Annual Bonus) नहीं दिया जा रहा है, केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है।
2️⃣ HPC एवं न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wages) का पालन नहीं किया जा रहा है।
3️⃣ अधिकांश ठेकेदारों द्वारा PF कटौती भी नहीं की जा रही है।
4️⃣ कुछ ठेकेदार HPC व न्यूनतम वेतन के आधार पर वेतन तो खाते में भेजते हैं, लेकिन बाद में आधी रकम नकद वापस मांग लेते हैं, विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
5️⃣ ठेका कर्मियों को सेफ्टी उपकरण (Safety Equipment) भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
6️⃣ संगठन ने यह भी मांग की है कि माइंस एक्ट 1955 की धारा 78 के तहत सभी ठेका कर्मियों की हाजिरी SECL द्वारा तय MTK में ली जाए।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो 30 अक्टूबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस हड़ताल से उत्पन्न होने वाली सभी परिस्थितियों की जिम्मेदारी SECL कुसमुंडा प्रबंधन एवं संबंधित ठेकेदारों की होगी।

महासचिव कुसमुण्डा क्षेत्रआर. सी. मिश्रा महासचिव (केन्द्रीय)

उपेन्द्र सिंह आध्यक्ष (केन्द्रीय) कुरामुण्डा अमीन मेमन कार्यकारी अध्यक्ष कुरामुण्डा क्षेत्र भीर सिंह मिरी