CJI पर जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर कौन हैं? जानिए विवादों से घिरे इस वकील की पूरी कहानी

CJI पर जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर कौन हैं? जानिए विवादों से घिरे इस वकील की पूरी कहानी

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2025 | CGTMN News Desk

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की। कोर्ट रूम में हुई इस घटना से सभी लोग हैरान रह गए। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत आरोपी को काबू में कर लिया।

बाद में पता चला कि यह व्यक्ति कोई आम नागरिक नहीं बल्कि दिल्ली के वकील राकेश किशोर हैं। घटना के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने तत्काल प्रभाव से उनकी वकालत पर रोक लगाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।


👨‍⚖️ कौन हैं वकील राकेश किशोर?

नाम: राकेश किशोर

जन्म: 10 सितंबर 1954

आयु: 71 वर्ष

निवास स्थान: मयूर विहार फेज-1, दिल्ली

वकालत पंजीकरण: वर्ष 2009 में दिल्ली बार काउंसिल (BCD) में नामांकन

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने न केवल उन्हें निलंबित किया है, बल्कि भारत की किसी भी अदालत, न्यायाधिकरण या प्राधिकरण में पेश होने या पैरवी करने पर भी रोक लगा दी है।
BCI ने उन्हें “कारण बताओ नोटिस” जारी किया है और अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।


🏘️ राकेश किशोर के पड़ोसियों ने क्या कहा?

राकेश किशोर मयूर विहार फेज-1 के रिवरव्यू अपार्टमेंट्स में रहते हैं। वहां के निवासियों के अनुसार, वे करीब 6 साल पहले सोसाइटी के अध्यक्ष बने थे और तब से अब तक कोई चुनाव नहीं हुआ है।

सोसाइटी मेंबर्स ने बताया कि उन्होंने राकेश के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिनमें से एक नवंबर 2021 में एक वरिष्ठ नागरिक पर कथित हमले से जुड़ी थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।


📜 कानूनी पृष्ठभूमि और दाखिल याचिकाएं

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राकेश किशोर ने वकील के तौर पर कई याचिकाएं दायर की थीं —

अगस्त 2021: मयूर विहार फेज-1 की सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ दिल्ली सहकारी न्यायाधिकरण में याचिका।

दिल्ली हाईकोर्ट में रिट याचिका: सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार से एक मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट के “कुप्रबंधन” की जांच कराने की मांग।


👮‍♂️ दिल्ली पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद राकेश किशोर से तीन घंटे तक पूछताछ की गई। चूंकि किसी ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई, इसलिए उन्हें दोपहर 2 बजे छोड़ दिया गया।

पूछताछ के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक हस्तलिखित नोट बरामद किया, जिसमें लिखा था —

“सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”

सूत्रों ने बताया कि राकेश के पास सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और शाहदरा बार एसोसिएशन दोनों के कार्ड मौजूद थे।


🙏 राकेश किशोर ने क्या कहा?

पुलिस को दिए बयान में राकेश ने बताया कि वह खजुराहो मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना से जुड़ी एक याचिका पर सीजेआई की टिप्पणी से नाराज थे। इसी कारण उन्होंने गुस्से में यह हरकत की।


⚖️ सीजेआई की प्रतिक्रिया

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने सुरक्षा अधिकारियों को मामले को “नजरअंदाज करने” और आरोपी को केवल “चेतावनी देकर छोड़ देने” के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय गरिमा और संयम से काम करेगा।