कोरबा न्यूज: कोरबा शहर के मुख्य प्रवेश मार्ग — गौमाता चौक, ईमलीछापर चौक और कटघोरा रोड की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। इन मार्गों पर रोजाना वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। शहर के मुख्य एंट्री पॉइंट की दुर्दशा से प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
इन सड़कों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग की है, जिसके प्रति लापरवाही और उदासीनता का आरोप लग रहा है। सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने कहा कि “बारिश का बहाना बनाकर विभाग जिम्मेदारी से नहीं बच सकता, क्योंकि इसी देश के इंजीनियर पानी के भीतर बड़े निर्माण कार्य कर रहे हैं।”
उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखकर कहा कि यदि पीडब्ल्यूडी विभाग समय पर काम नहीं कर पा रहा है, तो खनिज न्यास मद (DMF Fund) से राशि स्वीकृत कर नगर निगम को कार्य एजेंसी बनाया जाए और शहर के मुख्य प्रवेश मार्गों के निर्माण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी निगम को सौंपी जाए।
“जनता की सुरक्षा सर्वोपरि, 7 दिन में सड़कें नहीं सुधरीं तो जनता के साथ आंदोलन करेंगे” — सभापति ठाकुर
सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने कहा कि नगर निगम चुप नहीं बैठ सकता। उन्होंने कलेक्टर और निगम आयुक्त से निवेदन किया है कि एक सप्ताह के भीतर गौमाता चौक, ईमलीछापर चौक और कटघोरा रोड के गड्ढों को भरने और सड़कों की मरम्मत के ठोस कदम उठाएं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 7 दिन के भीतर सुधार कार्य नहीं हुआ, तो वे आम जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
निगम आयुक्त को भी दी चेतावनी — “ओवरब्रिज के नीचे और डीडीएम चौक की सड़कें तुरंत सुधारें”
सभापति ने नगर निगम आयुक्त को भी निर्देशित किया कि कोरबा जोन क्षेत्र के डीडीएम चौक और ओवरब्रिज के नीचे स्थित सड़कों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि जोन अधिकारियों की लापरवाही से मामूली रूप से क्षतिग्रस्त सड़कों में अब बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। अगर प्रारंभिक स्तर पर मरम्मत होती, तो आज यह स्थिति नहीं बनती। अब लाखों रुपये खर्च कर नई सड़कें बनानी पड़ेंगी।
खनिज न्यास मद का सही उपयोग हो शहर के विकास में
कोरबा जिले में हर साल खनिज न्यास मद (DMF Fund) से लगभग 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन उसका अधिकांश उपयोग ग्रामीण या दूरस्थ क्षेत्रों में किया जा रहा है। सभापति ठाकुर ने कहा कि जिले की आधी आबादी नगर निगम क्षेत्र में निवास करती है, फिर भी शहर के विकास में DMF राशि का उपयोग नहीं किया जा रहा है।
अनुपयोगी भवनों और योजनाओं में करोड़ों रुपये बर्बाद किए जा रहे हैं, जबकि शहर के एंट्री पॉइंट की सड़कें जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं।
सभापति की मांग — “खनिज न्यास मद से टास्क फोर्स बनाकर त्वरित मरम्मत हो”
नूतनसिंह ठाकुर ने मांग की है कि खनिज न्यास मद से एक टास्क फोर्स का गठन किया जाए, जो मुख्य सड़कों की खराब स्थिति की सूचना मिलते ही प्रारंभिक स्तर पर मरम्मत करे। इससे जनता को राहत मिलेगी और करोड़ों रुपये की बचत भी होगी।
सभापति ने कहा कि “लोक सेवकों और जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य जनता के हित में कार्य करना है। यदि 7 दिनों में सुधार कार्य नहीं हुआ, तो जनता के साथ मिलकर जनहित में आंदोलन किया जाएगा।”











