कोरबा। एसईसीएल (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र के ठेका कामगारों ने बोनस की मांग को लेकर आज सुबह बड़ा आंदोलन किया। सुबह 5 बजे से कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार कर दिया और 9 बजे से एसईसीएल मुख्य कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना शुरू हुआ।
लगातार हुई कई दौर की वार्ता के बाद प्रबंधन और मजदूर संगठनों के बीच समझौता हुआ। निर्णय लिया गया कि सभी ठेका कामगारों का बोनस और वेतन भुगतान 8 और 15 अक्टूबर तक सीधे उनके बैंक खातों में कर दिया जाएगा। इस संबंध में प्रबंधन जल्द ही ऑफिस ऑर्डर जारी करेगा और पोर्टल पर सूचना भी प्रदर्शित करेगा।
अहम समझौते
अगले साल से दशहरे से पहले ही सभी ठेका कामगारों को बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
समान काम, समान वेतन और स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाओं को लेकर आंदोलन को और मजबूत करने की रणनीति बनाई जाएगी।
मजदूर संगठन अन्य मांगों—जैसे वेतन वृद्धि, भत्ते, मेडिकल सुविधा और सामाजिक सुरक्षा—को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।
नेताओं की प्रतिक्रिया
सपुरन कुलदीप (ऊर्जाधानी भू-विस्थापित संगठन अध्यक्ष) ने कहा कि स्थायी और ठेका कामगारों को समान वेतन, बोनस और सुविधाएं मिलनी चाहिए, इसके लिए बड़ा आंदोलन जरूरी है।
विजय महंत (श्रम सेवा भू-विस्थापित संगठन संरक्षक) ने कहा कि बोनस की इस उपलब्धि को भविष्य में नियम बनाने की दिशा में प्रयास होंगे।
अशोक पटेल ने कहा कि बोनस पर समझौता सकारात्मक कदम है, लेकिन मजदूरों की बाकी मांगों पर भी संघर्ष जारी रहेगा।
आंदोलन की ताकत
इस धरना में आउटसोर्सिंग कंपनियों से जुड़े सैकड़ों ड्राइवर, हेल्पर, सुपरवाइजर समेत कई कर्मचारी शामिल हुए। यह आंदोलन मजदूरों की एकता और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बन गया।











