कोल इंडिया कर्मियों को बड़ी सौगात: माइंस हादसे में अब 1 करोड़ का मुआवजा, ठेका और एमडीओ कर्मियों पर भी 17 सितंबर से होगा नियम लागू

कोल इंडिया कर्मियों को बड़ी सौगात: माइंस हादसे में अब 1 करोड़ का मुआवजा, ठेका और एमडीओ कर्मियों पर भी 17 सितंबर से होगा नियम लागू

कोरबा/गेवरा-दीपका।
कोल इंडिया और उसकी सहयोगी कंपनियों में कार्यरत नियमित व ठेका कर्मियों को अब माइंस हादसे की स्थिति में बड़ा लाभ मिलेगा। कोयला मंत्रालय ने घोषणा की है कि दुर्घटना में जान गंवाने वाले कर्मचारी के परिजन को एक करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा मुआवजा दिया जाएगा। यह सुविधा 17 सितंबर से प्रभावी होगी।

विशेष बात यह है कि यह नियम अब आउटसोर्सिंग और MDO (माइन डेवलपर ऑपरेटर) मोड के कर्मियों पर भी लागू होगा। साथ ही, इन कर्मियों के लिए भी ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा।

15 लाख से बढ़ाकर 25 लाख हुई अनुग्रह राशि

कोरोनाकाल में ठेका कर्मियों के लिए 15 लाख रुपये की अनुग्रह राशि तय की गई थी। अब इसे बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है।

मंत्रालय में बैठक के बाद जारी होगा आधिकारिक पत्र

एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. सनीष चंद्र ने बताया कि इस संबंध में 16 सितंबर को कोयला मंत्रालय में बैठक होगी। इसके बाद आधिकारिक पत्र जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसईसीएल प्रबंधन हमेशा से ठेका कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान देता आया है।

आउटसोर्सिंग और ठेका कर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी

कोल इंडिया की खदानों में बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग कंपनियों की मदद ली जा रही है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की वजह से नियमित कर्मियों की संख्या घटी है, जबकि ठेका कर्मियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस बीच श्रमिक नेताओं ने भी कई बार एचपीसी दर पर वेतन और सामाजिक सुरक्षा को लेकर आवाज उठाई है।

श्रमिक संगठनों ने किया स्वागत

ऊर्जाधानी भूविस्थापित कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र राठौर ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कोयला खनन कार्य अन्य उद्योगों की तुलना में अधिक जोखिम भरा होता है। ऐसे में 1 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा राशि परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी

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