July 30, 2026

Constitutional Amendment Bill 2025: पीएम-सीएम और मंत्रियों को 30 दिन जेल में रहने पर छोड़नी होगी कुर्सी, शशि थरूर ने किया समर्थन

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नई दिल्ली: संसद में आज गृह मंत्री अमित शाह ने 130th Constitutional Amendment Bill 2025 (130वां संविधान संशोधन विधेयक) पेश किया। इस बिल में बड़ा प्रावधान शामिल किया गया है जिसके अनुसार यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई भी मंत्री लगातार 30 दिन से ज्यादा समय तक न्यायिक हिरासत में जेल में रहता है, तो उसे 31वें दिन अपने पद से इस्तीफा देना होगा या बर्खास्त कर दिया जाएगा।

👉 बिल पर जोरदार राजनीतिक घमासान

इस ऐतिहासिक बिल का कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने विरोध किया है। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपनी ही पार्टी लाइन से हटकर इस बिल का समर्थन किया। थरूर ने कहा – “अगर कोई मंत्री 30 दिन जेल में बिताता है तो क्या वह पद पर बना रह सकता है? यह सामान्य ज्ञान की बात है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

”👉 प्रियंका गांधी का कड़ा विरोध

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस प्रस्ताव को संविधान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि “कल को किसी भी मुख्यमंत्री पर फर्जी मामला दर्ज कर, उसे 30 दिन जेल में रखकर पद से हटाया जा सकता है। यह लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है।

”👉 अमित शाह और विपक्ष में तीखी बहस

विधेयक पेश करते समय अमित शाह और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने शाह के पुराने राजनीतिक मामलों का हवाला देते हुए उनकी नैतिकता पर सवाल उठाए। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया और बिल की कॉपी फाड़कर फेंक दी।

👉 जेपीसी को भेजा गया बिल

गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया है ताकि इस पर गहन चर्चा हो सके। लोकसभा ने तीनों विधेयकों –संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025को समिति के पास भेजने का प्रस्ताव पारित किया।

👉 कांग्रेस-थरूर रिश्तों में बढ़ी दरार

कांग्रेस और शशि थरूर के बीच मतभेद एक बार फिर उजागर हो गए हैं। थरूर पहले भी कई बार पार्टी लाइन से हटकर बयान देते रहे हैं और अब इस बिल पर उनका समर्थन कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है।

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