नारायणपुर: देशभर के 13 राज्यों में फैला नक्सलवाद अब धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर पहुँच चुका है। बड़े माओवादी नेताओं के एनकाउंटर और छोटे कैडर के आत्मसमर्पण से माओवाद की कमर टूट गई है। केंद्र सरकार के निर्देश पर सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं और नक्सलियों को मुठभेड़ में ढेर कर रहे हैं। यही कारण है कि कभी बड़ी संख्या में हमले करने वाले नक्सली अब छोटे-छोटे समूहों में बंटकर छिपने को मजबूर हो गए हैं।सबसे बड़ी सफलता छत्तीसगढ़ पुलिस और बस्तर में तैनात सुरक्षा बलों को मिली है। सरकार की पुनर्वास नीति और पुलिस की जनजागरूकता मुहिम के कारण लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।डीवीसीएम नक्सली नेता डॉ. सुकलाल ने किया सरेंडरनक्सलवाद को करारा झटका देते हुए बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय डीवीसीएम कैडर का बड़ा नक्सली नेता डॉ. सुकलाल पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुका है। उसके साथ 8 माओवादी साथियों ने भी हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था।सूत्रों के मुताबिक, यह सभी नक्सली अबूझमाड़ के कुतुल इलाके में सक्रिय थे। नारायणपुर एसपी की मौजूदगी में सरेंडर करते हुए सभी ने हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी surrendered naxalites को छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत नकद राशि, आवास और आजीविका की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
Chhattisgarh Naxalite Surrender News: नक्सलवाद पर लगातार कार्रवाई, बस्तर में डीवीसीएम कैडर के डॉ. सुकलाल समेत 8 नक्सली आत्मसमर्पण











