कवर्धा: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के भोरमदेव थाना क्षेत्र के ग्राम हरमो स्थित प्राचीन शिव मंदिर में 7 अगस्त को मूर्ति से छेड़छाड़ और मूर्तियों को इधर-उधर फेंके जाने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया था।पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि घटना को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि नशे में धुत एक वृद्ध व्यक्ति था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर अपराध दर्ज किया है।
आरोपी की पहचान
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गौतरिहा यादव (69 वर्ष) ग्राम राला, थाना बिरसा (जिला बालाघाट) का निवासी है, जो पिछले कुछ समय से हरमो गांव में रह रहा था। पूछताछ में उसने नशे की हालत में मंदिर की मूर्तियों से छेड़छाड़ करने की बात स्वीकार की है।
पुलिसकर्मी की संलिप्तता उजागर
इस मामले में पुलिस विभाग का नाम भी सामने आया है। जांच में पाया गया कि आरक्षक राजू वैष्णव (क्रमांक 703) की भी घटना में भूमिका रही है। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
ग्रामीणों और कांग्रेस का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि घटना में कोई भी मूर्ति खंडित नहीं हुई थी, केवल मूर्तियों को अपनी जगह से हटाकर फेंका गया था। आरोप है कि इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की।इसी मामले को लेकर कांग्रेस ने कवर्धा बंद का आह्वान किया था, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस की रणनीति कमजोर पड़ गई।











