Chaitanya Baghel Case: शराब घोटाला मामले में ईडी रिमांड खत्म, कोर्ट में पेश

Chaitanya Baghel Case: शराब घोटाला मामले में ईडी रिमांड खत्म, कोर्ट में पेश

रायपुर: बहुचर्चित शराब घोटाला (Liquor Scam) मामले में आरोपी चैतन्य बघेल की ईडी रिमांड (ED Custody) आज समाप्त हो गई। उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले विशेष न्यायालय ने ईडी को चैतन्य बघेल की 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की थी। ईडी का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई नए तथ्य सामने आए हैं, जिन्हें जांच में शामिल करना जरूरी है।

ईडी के आरोप।

ईडी (Enforcement Directorate) की जांच के अनुसार—

दुर्ग-भिलाई के शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल ने बयान दिया कि उसने और चैतन्य बघेल ने मिलकर 1000 करोड़ रुपए से अधिक की घोटाले की रकम को मैनेज किया।

यह कैश अनवर ढेबर से दीपेन चावड़ा तक पहुंचाया गया और बाद में राम गोपाल अग्रवाल को दिया गया।

पप्पू बंसल ने स्वीकार किया कि सिर्फ 3 महीने में उसे 136 करोड़ रुपए मिले।

साथ ही, 100 करोड़ रुपए नकद केके श्रीवास्तव को चैतन्य बघेल के कहने पर दिए गए।

ईडी ने दावा किया है कि अनवर ढेबर और नीतेश पुरोहित की चैटिंग में भी इस लेन-देन के सबूत मिले हैं।

घोटाले की रकम से निवेश

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि शराब घोटाले की रकम को चैतन्य बघेल के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (Baghel Developers) में निवेश किया गया।प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बयान दिया कि असली खर्च 13-15 करोड़ था, लेकिन रिकॉर्ड में सिर्फ 7.14 करोड़ रुपए दिखाए गए।डिजिटल डिवाइसेस की जांच से पता चला कि एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ रुपए कैश में भुगतान किया गया, जो आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था।

पप्पू बंसल की पृष्ठभूमि

पप्पू बंसल पहले प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़ा था और बाद में शराब कारोबार में आया।वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी बताया जाता है और कोयले का कारोबार भी करता है।