11 साल बाद रजगामार भूमिगत खदान में फिर गूंजेगी मशीनों की आवाज, अक्टूबर से कोयला उत्पादन शुरू

11 साल बाद रजगामार भूमिगत खदान में फिर गूंजेगी मशीनों की आवाज, अक्टूबर से कोयला उत्पादन शुरू

कोरबा। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) कोरबा एरिया की रजगामार 6-7 नंबर भूमिगत खदान, जो पिछले 11 वर्षों से बंद पड़ी थी, अब फिर से कोयला उगलने को तैयार है। कंपनी ने नई तकनीक के साथ खदान को पुनः चालू करने की कवायद शुरू कर दी है।

इस खदान में कंटीन्यूस माइनर मशीन (Continuous Miner Machine) के जरिए उत्पादन किया जाएगा। फिलहाल 2 मशीनें पहुंच चुकी हैं, जबकि कुल 7 मशीनें लगाई जाएंगी। शेष 5 मशीनें भी जल्द खदान में स्थापित की जाएंगी।जेनवेल प्राइवेट लिमिटेड इन मशीनों का संचालन करेगी, जिसमें उसके 50 कर्मचारी कार्यरत होंगे,

जबकि बाकी काम SECL के कर्मचारियों के जिम्मे होगा। वर्तमान में खदान में लगभग 200 कर्मी हैं, और उत्पादन शुरू होने के बाद 60-70 और कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी।रजगामार खदान को वर्ष 2014 में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति न मिलने के कारण बंद करना पड़ा था। अब प्रबंधन 1 अक्टूबर 2025 से उत्पादन शुरू करने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। खान प्रबंधक, सब एरिया मैनेजर और जेनवेल कंपनी की टीम मिलकर तैयारी में जुटी हुई है।स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि खदान के पुनः संचालन से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रौनक लौट आएगी।