बलरामपुर/सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र से सटे भैंसामुंडा क्षेत्र के जंगल में एक बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही वन अमले की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई।
प्राथमिक जांच में बाघ के शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे शिकारी हमले की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग द्वारा शव का परीक्षण किया जा रहा है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि बाघ की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ वन अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया है। आसपास के जंगलों में गश्त बढ़ा दी गई है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है। वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।
इस संबंध में जिला वन मंडल अधिकारी आलोक बाजपेई ने बताया कि घटनास्थल सूरजपुर जिले के अंतर्गत आता है और यह एक सरहदी वन क्षेत्र है, जहां संरक्षित वन्यजीवों की विशेष निगरानी जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और उच्च अधिकारी भी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं।
बाघ की संदिग्ध मौत की इस घटना ने प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।











