August 6, 2026

राहुल गांधी को भगवान परशुराम के स्वरूप में दिखाने पर विवाद, ब्राह्मण समाज ने जताई आपत्ति

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भोपाल/वाराणसी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जन्मदिवस पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए एक आयोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जन्मदिन के अवसर पर कुछ कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को भगवान परशुराम के स्वरूप में प्रदर्शित करते हुए उनकी पूजा-अर्चना की तथा तस्वीर का दूध से अभिषेक किया।

इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इसी क्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज, मध्य प्रदेश ने इस कृत्य पर कड़ी आपत्ति जताई है।

सनातन आस्था के साथ खिलवाड़ का आरोप

अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पंडित पुष्पेंद्र मिश्रा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम सनातन धर्म में पूजनीय देव स्वरूप हैं और उन्हें किसी राजनीतिक व्यक्ति या दल से जोड़कर प्रस्तुत करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।

उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम तप, त्याग, धर्मरक्षा और न्याय के प्रतीक हैं तथा उनकी तुलना किसी समकालीन राजनीतिक नेता से करना उचित नहीं है।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। एक पक्ष इसे कार्यकर्ताओं की श्रद्धा और राजनीतिक अभिव्यक्ति बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक उपयोग के रूप में देख रहा है।

कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस मामले में कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं ब्राह्मण समाज ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने और धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग नहीं करने की अपील की है।

मामले को लेकर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और विवाद लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

TMN News | भोपाल/वाराणसी

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