September 20, 2026

डिजिटल पुलिसिंग पर बिलासपुर रेंज के आईजी सख्त, ई-समन, ई-साक्ष्य और वीडियो गवाही को लेकर जारी किए अहम निर्देश

IMG-20260804-WA0141

बिलासपुर | CGTMN News

बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) श्री राम गोपाल गर्ग ने मंगलवार को रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर पुलिसिंग में तकनीक के अधिकतम उपयोग, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती, जांजगीर-चांपा और सारंगढ़ जिलों के पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। आईजी ने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और न्यायालयीन प्रक्रियाओं को तेज बनाया जाएगा।

गूगल शीट से होगी समन और वारंट की निगरानी

आईजी ने निर्देश दिए कि अब न्यायालय से जारी होने वाले समन और वारंट की रियल-टाइम मॉनिटरिंग गूगल शीट के माध्यम से की जाएगी। सभी थानों के कोर्ट आरक्षक तामिली की स्थिति, गवाहों की उपस्थिति और लंबित मामलों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे, जिससे अनावश्यक पत्राचार समाप्त होगा और न्यायालयीन कार्यों में तेजी आएगी।

WhatsApp से भी होगा ई-समन तामिल

बैठक में बताया गया कि नई अधिसूचना के अनुसार अब ई-समन WhatsApp के माध्यम से भी भेजा जा सकेगा। यदि प्राप्तकर्ता ‘OK’ लिखकर जवाब देता है तो उसका स्क्रीनशॉट वैध माना जाएगा। साथ ही नए जिलों में डेटा मैपिंग और नेटवर्क संबंधी तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी गवाही

आईजी श्री गर्ग ने न्यायालयीन गवाही को सरल बनाने के लिए सभी थानों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (न्याय श्रुति) की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, गवाहों की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जाए, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

ई-साक्ष्य और आदर्श CCTNS थाना विकसित होगा

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत जब्ती, तलाशी और गवाहों के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग (ई-साक्ष्य) को अनिवार्य रूप से अपनाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रत्येक जिले में एक थाने को ‘आदर्श CCTNS थाना’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विवेचक स्वयं सभी ऑनलाइन प्रविष्टियां दर्ज करेंगे।

अवैध प्रवासियों और किरायेदारों का होगा सत्यापन

बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। आईजी ने ‘समाधान ऐप’ के माध्यम से अवैध प्रवासियों, किरायेदारों और फेरीवालों का नियमित सत्यापन करने तथा इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट रेंज कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए।

वाहन चोरी के मामलों में इंजन और चेसिस नंबर अनिवार्य

आईजी ने कहा कि बाइक चोरी सहित संपत्ति संबंधी अपराधों में एफआईआर दर्ज करते समय इंजन नंबर और चेसिस नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं, ताकि राष्ट्रीय डेटाबेस अपडेट हो और चोरी के वाहनों की ट्रैकिंग आसान हो सके।

बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने सभी पुलिस अधीक्षकों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए डिजिटल पुलिसिंग, गुणवत्ता, शुद्धता और समयबद्धता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित पुलिसिंग से न केवल न्याय प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि थानों में लंबित मामलों की संख्या भी कम होगी और आम नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवा मिल सकेगी।

You may have missed