छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी दफ्तरों में 3 साल बाद बदलेगी कर्मचारियों की डेस्क
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रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी विभागों, विभागाध्यक्ष कार्यालयों, संभागीय आयुक्त कार्यालयों, कलेक्टर कार्यालयों तथा अन्य शासकीय संस्थानों में अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य-पटल (Desk Assignment) का हर तीन वर्ष में अनिवार्य रूप से परिवर्तन किया जाएगा।
लंबे समय तक एक ही डेस्क पर नहीं रहेंगे कर्मचारी
सरकार का मानना है कि वर्षों तक एक ही शाखा या डेस्क पर कार्य करने से कार्यप्रणाली में एकरूपता आ जाती है और कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के प्रशासनिक कार्यों का अनुभव नहीं मिल पाता। नए नियम के तहत समय-समय पर डेस्क बदलने से कर्मचारियों के कौशल का विकास होगा, कार्य का बेहतर वितरण होगा और कार्यालयों की कार्यक्षमता में सुधार आएगा।
सभी सरकारी कार्यालयों में लागू होंगे नए निर्देश
यह व्यवस्था राज्य के सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों पर लागू होगी। विभागाध्यक्ष कार्यालय, संभागीय आयुक्त कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय सहित अन्य शासकीय संस्थानों को भी इस आदेश का पालन करना होगा।
विशेष परिस्थितियों में मिलेगी छूट
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को प्रशासनिक आवश्यकता, कार्य की प्रकृति अथवा कार्यालय हित में उसी कार्य-पटल पर बनाए रखना जरूरी हो, तो सक्षम अधिकारी की लिखित एवं कारणयुक्त अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
क्या होगा इस फैसले का असर?
सरकार का मानना है कि नियमित कार्य-पटल परिवर्तन से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी, कर्मचारियों को विभिन्न कार्यों का अनुभव मिलेगा, जवाबदेही मजबूत होगी और सरकारी कार्यालयों में कार्य निष्पादन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
