कोरबा। छत्तीसगढ़ की ऊर्जा राजधानी और “ऊर्जा धानी” के नाम से पहचान रखने वाला कोरबा इन दिनों लगातार बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहा है। खास तौर पर कुछ कुछ जगहों में जैसे खरमोरा, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी,विडंबना यह है कि जिस जिले से हजारों मेगावाट बिजली का उत्पादन कर प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों को रोशन किया जाता है, वहीं कोरबा के नागरिकों को घंटों बिजली गुल रहने की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन होने वाली अघोषित बिजली कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली गुल होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ रहा है, वहीं विद्यार्थियों की पढ़ाई और घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
बिजली विभाग की ओर से मेंटेनेंस कार्य, फीडर फॉल्ट, ओवरलोडिंग तथा बढ़ती बिजली मांग को कटौती का प्रमुख कारण बताया जाता है। हालांकि नागरिकों का कहना है कि ऊर्जा उत्पादन के केंद्र में स्थित कोरबा को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलनी चाहिए, लेकिन यहां की स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब कोरबा पूरे प्रदेश और देश को बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, तो यहां के निवासियों को बार-बार बिजली संकट का सामना क्यों करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से स्थायी समाधान निकालने की मांग की है ताकि ऊर्जा धानी के नागरिकों को अंधेरे में रातें न गुजारनी पड़ें।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं और कोरबा वासियों को बिजली कटौती की समस्या से कब राहत मिलती है।











