“प्रदेश में गाइडलाइन दरों का मेगा रिविजन — फ्लैट और प्लॉट अब होंगे सस्ते!”

“प्रदेश में गाइडलाइन दरों का मेगा रिविजन — फ्लैट और प्लॉट अब होंगे सस्ते!”


⏩ प्रदेश में गाइडलाइन दरों का बड़ा बदलाव — केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने लिए अहम निर्णय

प्रदेश में संपत्ति संबंधी गाइडलाइन दरों और उपबंधों के पुनरीक्षण को लेकर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों को देखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बोर्ड ने 19 नवंबर 2025 की जारी नई दरों में संशोधन करते हुए निम्न निर्णय अपनाए—


1️⃣ नगरीय क्षेत्रों में भूखंड मूल्यांकन का पुराना नियम फिर लागू

अब प्लॉट का मूल्यांकन इंक्रीमेंटल आधार पर नहीं होगा।
पहले की तरह ही स्लैब सिस्टम लागू रहेगा—

  • नगर निगम क्षेत्र : 50 डेसिमल तक
  • नगर पालिका : 37.5 डेसिमल तक
  • नगर पंचायत : 25 डेसिमल तक
    यानी छोटे और मध्यम आकार के भूखंडों के लिए पुराना सरल तरीका ही लागू होगा।

2️⃣ फ्लैट/दुकान के मूल्यांकन में बड़ा बदलाव – अब ‘बिल्ट-अप एरिया’ मान्य

बहुमंजिला भवनों में संपत्ति बिकते समय अब सुपर बिल्ट-अप एरिया से गणना का प्रावधान खत्म।
अब केवल बिल्ट-अप एरिया से ही मूल्यांकन होगा।
यह बदलाव लंबे समय से मांग में था और इससे वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।


3️⃣ ऊपरी मंजिलों पर दरों में छूट

बहुमंजिला भवन और कॉम्प्लेक्स में—

  • बेसमेंट व प्रथम तल : 10% कमी
  • द्वितीय तल एवं उससे ऊपर : 20% कमी
    इससे मध्यम वर्ग हेतु फ्लैट/दुकानें और किफायती होंगी।

4️⃣ कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में दूरी के आधार पर रेट में कटौती

कॉम्प्लेक्स के मुख्य मार्ग से 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए—
➡️ भूखंड दर में 25% की कमी लागू।
दूरी की गणना मुख्य मार्ग की ओर के निर्मित भाग से होगी।


5️⃣ जिला मूल्यांकन समितियों को 31 दिसंबर तक संशोधित प्रस्ताव भेजने के निर्देश

हाल में दरों में वृद्धि के बाद मिले ज्ञापनों, सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण कर
ज़िला मूल्यांकन समिति को 31 दिसंबर तक नई पुनरीक्षित दरों के प्रस्ताव
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजने होंगे।