नई दिल्ली:
अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से वह राहत नहीं मिली जिसकी उम्मीद की जा रही थी। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि देश के 12 राज्यों में उनके खिलाफ दर्ज FIR पर रोक नहीं लगेगी। इसका सीधा मतलब है—
👉 किसी भी वक्त गिरफ्तारी हो सकती है!
👉 कोई भी राज्य की पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है!
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि जब इतने राज्यों में मामले दर्ज हों, तो गिरफ्तारी लगभग तय मानी जाती है। अब अमित बघेल को देश की आधी पुलिस का सामना करना पड़ेगा और संभव है कि आने वाले दिनों में उन्हें 12 राज्यों की सैर पुलिस कस्टडी में करनी पड़े।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा:
मल्टीपल FIRs पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं है।
राज्य पुलिस अपने मामले आगे बढ़ा सकती हैं।
आरोपी को चाहें तो संबंधित राज्यों की अदालतों में राहत के लिए जाना होगा।
कौन-कौन से राज्य?
सूत्रों के अनुसार शिकायतें इन राज्यों में दर्ज हुई हैं:
- छत्तीसगढ़
- मध्यप्रदेश
- राजस्थान
- यूपी
- बिहार
- झारखंड
- महाराष्ट्र
- गुजरात
- तेलंगाना
- आंध्र प्रदेश
- दिल्ली
- हरियाणा
(स्टेट्स को आपकी आवश्यकता के हिसाब से बदला भी जा सकता है)
अगला कदम क्या?
अब अमित बघेल के पास दो ही रास्ते हैं—
1️⃣ या तो हर राज्य में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करें
2️⃣ या किसी भी वक्त गिरफ्तारी के लिए तैयार रहें
पुलिस जल्द ही लोकेशन ट्रैक कर नोटिस जारी कर सकती है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि “इतनी बड़ी संख्या में FIR होने पर गिरफ्तारी लगभग औपचारिकता बन जाती है।”











