लाल किला ब्लास्ट अलर्ट: UP ATS एक्शन में! 8 जिलों के मदरसों की सीक्रेट लिस्ट क्यों मांगी?

लाल किला ब्लास्ट अलर्ट: UP ATS एक्शन में! 8 जिलों के मदरसों की सीक्रेट लिस्ट क्यों मांगी?

Prayagraj News: लाल किला ब्लास्ट के बाद UP में खुफिया हलचल तेज, ATS ने 8 जिलों के मदरसों की सीक्रेट लिस्ट तलब की—क्या किसी बड़े लिंक की तलाश?

Prayagraj News: दिल्ली के लाल किला धमाके के बाद उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियाँ अचानक तेज हो गई हैं। संभावित आतंकी कनेक्शन की जांच को ध्यान में रखते हुए एटीएस प्रयागराज जोन एक्शन मोड में आ गया है। इसी क्रम में प्रदेश के 8 जिलों के मदरसों की पूरी डिटेल तुरंत मांगी गई है।


ATS ने मांगी मदरसों की पूरी जानकारी

सूत्रों के अनुसार, यूपी एटीएस ने मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों, पढ़ाने वाले मौलवियों, प्रबंधकों और कर्मचारियों के नाम, पिता का नाम, पता और मोबाइल नंबर जैसी पूरी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

प्रयागराज के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट एटीएस को भेज दी है, जिसमें ज़िले के 206 मदरसों का ब्यौरा शामिल है। इनमें—

43 मदरसे सरकारी अनुदान प्राप्त

169 मदरसे गैर-मान्यता प्राप्त या बिना सरकारी सहायता के

अनुदानित मदरसों में 620 शिक्षक और 11,378 छात्र, जबकि मान्यता प्राप्त मदरसों में 854 शिक्षक और 14,551 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्राएं भी शामिल हैं, जो दीनी शिक्षा हासिल कर रही हैं।


8 जिलों से मांगी गई जानकारी – एक बड़े नेटवर्क की जांच?

एटीएस केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा जिलों के मदरसों की सूची भी मांग चुका है। एटीएस उपनिरीक्षक अनुज तिवारी ने सभी जिलों के अधिकारियों को पत्र जारी कर यह डिटेल तत्काल भेजने का आदेश दिया है।

रिपोर्ट मिलने के बाद एटीएस द्वारा मदरसों के पंजीकरण, गतिविधियों और छात्र-शिक्षक डाटा की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।


मदरसों में शिक्षकों के पदनाम—जानें क्या होता है तैतानिया, आलिया, आलिम…

महोबा से मिली जानकारी के अनुसार, मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के पद उनकी योग्यता और कक्षाओं के आधार पर तय होते हैं—

कक्षा 5 तक – तैतानिया

कक्षा 8 तक – फौकानिया

कक्षा 9–10 – आलिया

कक्षा 11–12 – आलिम

ग्रेजुएशन स्तर – कामिल

पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर – फाजिल

हालांकि पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने कामिल और फाजिल की डिग्रियों को असंवैधानिक घोषित किया था।


ATS की जांच का उद्देश्य — सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी निगरानी

प्रदेश में बढ़ती संवेदनशीलता को देखते हुए यह व्यापक जांच इसलिए की जा रही है ताकि—

किसी भी संभावित आतंकी लिंक का जल्द पता लगाया जा सके

मदरसों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके

प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके

दिल्ली ब्लास्ट के बाद यह कार्रवाई यूपी में सुरक्षा तंत्र को और अधिक सतर्क करने के उद्देश्य से की जा रही है।