कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमुंडा में बुधवार, 15 अक्टूबर 2025 को ‘सप्तशक्ति मातृ संगम’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर मातृशक्ति की उपस्थिति और देशभक्ति के भाव से सराबोर रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका बाकीमोंगरा की अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा एवं पार्षद श्रीमती प्रमिला दीदी उपस्थित रहीं, जबकि अध्यक्षता का दायित्व डॉ. नीतू डेका (एसईसीएल चिकित्सालय, आदर्श नगर) ने संभाला।
विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती नेहा गुप्ता (अभिभाविका), श्रीमती पुनीता कश्यप दीदी (गायत्री मंदिर, कुसमुंडा) तथा विद्यालय के प्राचार्य श्री चिंतामणि कौशिक मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, भारत माता एवं ओम के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पूजन-अर्चन के साथ किया गया।
विद्यालय के प्राचार्य श्री चिंतामणि कौशिक ने अपने उद्बोधन में बताया कि सप्तशक्ति संगम का उद्देश्य संघ के शताब्दी वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में मातृशक्ति को पंच परिवर्तन के माध्यम से जागरूक करना है — जिनमें कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी भावना और सामाजिक समरसता प्रमुख हैं।
गायत्री मंदिर की श्रीमती पुनीता कश्यप दीदी ने भगवद्गीता में वर्णित नारियों की सप्त शक्तियों का स्मरण कराते हुए नारी को सृजन और संस्कार की प्रतीक बताया।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. नीतू डेका ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिरों के माध्यम से यह अभियान मातृशक्ति को आत्मबल, संस्कार और स्वाभिमान से सशक्त कर समाज में जागरण का संदेश दे रहा है।
अभिभाविका श्रीमती नेहा गुप्ता ने मातृत्व को बालसंस्कारों की प्रथम पाठशाला बताते हुए मां की भूमिका पर प्रकाश डाला।
वहीं, मुख्य अतिथि श्रीमती सोनी विकास झा ने भारतीय कुटुंब व्यवस्था को समाज का आधार बताते हुए नारी को परिवार की प्रेरणा शक्ति बताया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती हेमलता शर्मा दीदी द्वारा प्रश्नोत्तरी और देशभक्ति गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विजेता मातृशक्तियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर 200 से अधिक अभिभाविकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने सुझाव देते हुए कार्यक्रम की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती संगीता वर्मा दीदी ने किया तथा आभार प्रदर्शन विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य श्री दीपचंद जांघेला ने शांति मंत्र के साथ किया।
कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री शांति कुमार राठौर, मुख्य वक्ता श्रीमती अंजना पाराशर दीदी, एवं आचार्य परिवार की श्रीमती काकोली चौधरी, श्रीमती तनु मुखर्जी, श्रीमती संगीता दुबे, श्रीमती भोगवती राजन, श्रीमती भूमोती जांघेला, श्रीमती सुधा चौबे, श्रीमती सीमा दीवान तथा श्रीमती खगेश्वरी चंद्रा दीदी का विशेष सहयोग रहा।











