आय महज ₹2 करोड़, संपत्ति ₹50 करोड़ से अधिक! सौम्या चौरसिया पर EOW की बड़ी कार्रवाई, कोयला और DMF घोटाले से जुड़े कई राज़ बेनकाब

आय महज ₹2 करोड़, संपत्ति ₹50 करोड़ से अधिक! सौम्या चौरसिया पर EOW की बड़ी कार्रवाई, कोयला और DMF घोटाले से जुड़े कई राज़ बेनकाब

रायपुर (Chhattisgarh News): राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया (Saumya Chaurasia) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets Case) के मामले में लगभग 10 हजार पन्नों का चालान अदालत में पेश किया है।

EOW की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सौम्या चौरसिया की कुल वैध आय लगभग ₹2.51 करोड़ है, लेकिन उन्होंने लगभग ₹50 करोड़ की संपत्ति खड़ी कर ली। यानी उनकी अवैध संपत्ति 1873 प्रतिशत अधिक पाई गई।

💰 45 बेनामी संपत्तियों का खुलासा

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सौम्या चौरसिया ने अपने परिवार और अन्य लोगों के नाम पर करीब 45 बेनामी अचल संपत्तियों में निवेश किया। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत लगभग ₹50 करोड़ बताई जा रही है।

🏛 कोयला और DMF घोटाले से जुड़ा मामला

EOW ने सौम्या चौरसिया के खिलाफ FIR नंबर 22/2024 दर्ज की है। जांच में पाया गया कि उन्होंने कोयला, DMF और अन्य योजनाओं में भ्रष्टाचार के जरिए भारी अवैध संपत्ति अर्जित की। पद पर रहते हुए उन्होंने ₹49.69 करोड़ से अधिक की गैरकानूनी आय प्राप्त की।

📅 सबसे ज्यादा निवेश 2019 से 2022 के बीच

जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि सबसे अधिक निवेश वर्ष 2019 से 2022 के बीच किया गया, जब सौम्या चौरसिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव के रूप में कार्यरत थीं।

⚖️ कोर्ट में पेश हुआ चालान, अगली सुनवाई 10 नवंबर को

EOW द्वारा कोर्ट में चालान पेश किए जाने के बाद, न्यायालय ने इसे स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 10 नवंबर 2025 तय की है। वहीं, सौम्या चौरसिया के अनुपस्थित रहने पर कोर्ट ने नाराज़गी भी जताई है।

सौम्या चौरसिया 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने अपने 17 साल के सरकारी करियर में बिलासपुर से बतौर डिप्टी कलेक्टर शुरुआत की थी।