जांजगीर-चांपा। जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम करही में उपसरपंच महेंद्र बघेल की हत्या कर शव को महानदी में फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 2 नाबालिग भी शामिल हैं।
ऐसे खुला हत्या का राज
06 सितंबर 2025 की रात उपसरपंच महेंद्र बघेल घर नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। कहीं सुराग नहीं मिलने पर थाना बिर्रा में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगा। इस बीच उपसरपंच के भाई ने सरपंच पति राजकुमार साहू पर शक जताया। पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लिया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
शराब पार्टी के बहाने बुलाया और हत्या कर दी
पूछताछ में सामने आया कि सरपंच पति राजकुमार साहू ने शासकीय निर्माण कार्य को लेकर पुरानी रंजिश के चलते महेंद्र बघेल की हत्या की साजिश रची थी।
06 सितंबर की रात करीब 8:45 बजे महेंद्र को बुलाकर गांव के प्राथमिक शाला भवन के पास शराब और बीयर पिलाई गई। इसके बाद गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। शव को कार से ले जाकर बरेकेल पुल से महानदी में फेंक दिया गया।
डीडीआरएफ व ड्रोन की मदद से मिला शव
हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के लिए महेंद्र की पल्सर मोटरसाइकिल भी नदी में फेंक दी। पुलिस ने डीडीआरएफ टीम और ड्रोन की मदद से शव की तलाश शुरू की। दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद 8 सितंबर की देर शाम शव साराडीह गांव (डभरा क्षेत्र) में बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- राजकुमार साहू (29) – सरपंच पति, ग्राम करही
- राजेंद्र कुमार साहू (22)
- जितेंद्र कश्यप (27)
- राजू उर्फ शैलेष कश्यप (24)
- दुर्गेश आदिल्य (19)
- कान्हा यादव (20)
- भास्कर मांझी (24)
साथ ही दो नाबालिग भी घटना में शामिल पाए गए।
पुलिस की बड़ी उपलब्धि
जांजगीर-चांपा पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय और एएसपी उमेश कश्यप के मार्गदर्शन में बनी विशेष टीम ने इस कठिन केस को सुलझाया। पुलिस ने ग्रामीणों के आक्रोश को भी संभाला और पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा।











