कोरबा। जिले के शारदा विहार स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में एक गर्भवती महिला को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने सतर्कता और तत्परता से उसकी जान बचाई। महिला को लगातार झटके, बेहोशी, उच्च रक्तचाप और शरीर में सूजन जैसी गंभीर समस्याओं के साथ अस्पताल लाया गया था।डॉक्टरों ने जांच में पाया कि महिला का ब्लड प्रेशर 220/140 था, जो सामान्य से काफी अधिक था। हालत नाजुक होने पर डॉक्टर पूजा और डॉक्टर पॉल ने तुरंत आपातकालीन सर्जरी (सीजेरियन ऑपरेशन) किया। प्रसव के दौरान पैदा हुआ बच्चा सांस नहीं ले रहा था और उसमें कोई हलचल नहीं थी।ऐसे में डॉक्टर उमा विश्वास और उनकी टीम (प्रति, सरस्वती और इंदु) ने तुरंत प्रयास शुरू किए और नवजात को होश में लाने में सफलता पाई। इसके बाद बच्चे को एनआईसीयू (NICU) में तीन दिन तक विशेष देखभाल में रखा गया।वहीं प्रसूता महिला को आईसीयू में रखकर उच्च रक्तचाप और बेहोशी की स्थिति से बाहर लाया गया। धीरे-धीरे उनकी हालत में सुधार हुआ और अब मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।महिला ने बताया कि डिलीवरी के दौरान उनकी हालत बेहद गंभीर थी और दूसरे अस्पताल से उन्हें आयुष्मान हॉस्पिटल लाया गया था। उन्होंने डॉक्टर ज्योति श्रीवास्तव और पूरी टीम का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके कारण आज वे और उनका बच्चा सुरक्षित हैं।👉 इस तरह आयुष्मान हॉस्पिटल, कोरबा में डॉक्टरों की टीम ने फिर एक बार साबित कर दिया कि समय पर उपचार और विशेषज्ञता से गंभीर से गंभीर मरीज की जान बचाई जा सकती है।
कोरबा: आयुष्मान हॉस्पिटल में गंभीर हालत में पहुंची गर्भवती महिला, डॉक्टरों ने बचाई मां और बच्चे की जान













