कोरबा में बड़ी कार्रवाई: छेड़छाड़ के आरोप में SI सस्पेंड, गैंगरेप केस में लापरवाही पर दो आरक्षक निलंबित

कोरबा में बड़ी कार्रवाई: छेड़छाड़ के आरोप में SI सस्पेंड, गैंगरेप केस में लापरवाही पर दो आरक्षक निलंबित


कोरबा।
जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सख्ती दिखाते हुए एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने दो अलग-अलग मामलों में एक सब इंस्पेक्टर और दो आरक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। एक तरफ कटघोरा थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर को महिला से छेड़छाड़ के आरोप में निलंबित किया गया है, वहीं दूसरी ओर बांकी मोंगरा थाने के दो आरक्षकों को गैंगरेप मामले में लापरवाही बरतने पर सस्पेंड किया गया है।
महिला से छेड़छाड़ के आरोप में SI सस्पेंड, केस दर्ज
जानकारी के अनुसार कटघोरा थाना क्षेत्र की एक महिला ने सब इंस्पेक्टर एस.के. कोसरिया पर अशोभनीय व्यवहार और छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दी थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्राथमिक जांच कराई गई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
इसके बाद संबंधित धाराओं के तहत सब इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर ने पुष्टि करते हुए बताया कि महिला की शिकायत पर कटघोरा थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई की गई है और मामले की आगे की जांच जारी है।
गैंगरेप केस में लापरवाही पर दो आरक्षक सस्पेंड
दूसरा मामला बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां एक युवती के साथ हुए गैंगरेप के मामले में लापरवाही बरतने पर थाने में पदस्थ दो आरक्षक:
राकेश मेहता
राजेंद्र राय
को निलंबित कर दिया गया है।
आरोप है कि जब पीड़िता थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंची थी, तब दोनों आरक्षकों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और लापरवाही बरती।
इसके बाद पीड़िता सीधे कोरबा एसपी कार्यालय पहुंची, जहां से मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना में केस दर्ज कराया गया।
इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
एसपी का सख्त संदेश: लापरवाही और गलत आचरण बर्दाश्त नहीं
इन दोनों मामलों में की गई कार्रवाई से साफ है कि कोरबा पुलिस अधीक्षक किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेंगे, चाहे वह आम नागरिक के साथ दुर्व्यवहार हो या गंभीर अपराध में कोताही।