रायगढ़, 10 जनवरी 2026। रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चलाए जा रहे सघन कुष्ठ खोज एवं उपचार अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान के दौरान जिले में 118 नए कुष्ठ रोगियों की पहचान की गई है, जिन्हें तुरंत उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान 8 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य घर-घर सर्वे कर संदिग्ध मरीजों की समय रहते पहचान करना और उन्हें उपचार से जोड़ना है।
1397 संदिग्धों की पहचान, 1161 की जांच पूरी
अभियान के दौरान जिलेभर में कुल 1397 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई, जिनमें से 1161 लोगों की जांच पूरी हो चुकी है। जांच के बाद 118 नए कुष्ठ रोगियों की पुष्टि हुई, जिनका इलाज तत्काल शुरू कर दिया गया।
केंद्र सरकार की विशेषज्ञ टीम ने किया निरीक्षण
अभियान की गुणवत्ता और प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए भारत सरकार के क्षेत्रीय कुष्ठ प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, लालपुर (रायपुर) से विशेषज्ञों की टीम रायगढ़ पहुंची। निरीक्षण दल में प्रिंसिपल कंसलटेंट डॉ. कृष्णमूर्ति काम्बले और कंसलटेंट श्री इश्वरी मसीह शामिल रहे।
टीम ने जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चन्द्रा के साथ अभियान की प्रगति, अक्षमता पहचान और कुष्ठ विकृति रोकथाम से जुड़ी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया गया गहन मूल्यांकन
निरीक्षण के पहले दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर और इसके अंतर्गत आने वाले ग्राम कोडतराई, छपोरा एवं डूमरमुड़ा का निरीक्षण किया गया। वहीं दूसरे दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लैलूंगा और आश्रित ग्राम राजपुर एवं लारीपानी में अभियान की समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों, फिजियोथेरेपिस्ट, लैब टेक्नीशियन और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की तकनीकी दक्षता का मूल्यांकन किया गया। साथ ही कुष्ठ रोगियों की स्वयं जांच कर संभावित विकृतियों की समय पर पहचान और बेहतर उपचार प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया।
5 नए मरीजों की पुष्टि, जागरूकता बढ़ाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान लैलूंगा क्षेत्र के एक आश्रित ग्राम में 5 नए कुष्ठ रोगियों की पहचान की गई। इसके अलावा जांच प्रपत्र, रजिस्टर संधारण, रिपोर्ट, प्रचार-प्रसार सामग्री, नारा लेखन और जनजागरूकता गतिविधियों का अवलोकन कर आवश्यक सुधारात्मक सुझाव दिए गए।
जिले में कुष्ठ रोग की दर 3.18 प्रति 10 हजार
वर्तमान में रायगढ़ जिले में कुष्ठ रोग की प्रसार दर 3.18 प्रति 10 हजार जनसंख्या दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि शीघ्र पहचान, नियमित उपचार और समुदाय आधारित जागरूकता अभियानों के माध्यम से जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
रायगढ़ में सघन कुष्ठ खोज अभियान की बड़ी सफलता, 118 नए मरीज मिले, सभी को उपचार से जोड़ा गया











