गेवरा खदान में कोयला लिफ्टिंग को लेकर हिंसक झड़प, दो कंपनियों के बीच बवाल से मचा हड़कंप
एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदानों में शामिल एसईसीएल की गेवरा परियोजना एक बार फिर कोयला लिफ्टिंग को लेकर विवादों में घिर गई है। बीती रात खदान परिसर में कोयला लिफ्टिंग कार्य को लेकर दो निजी कंपनियों के बीच हुई हिंसक झड़प में कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गेवरा खदान क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक गेवरा खदान में कोयला लिफ्टिंग का कार्य कर रही के.के. एंटरप्राइजेज का लंबे समय से प्रभाव बताया जा रहा है। आरोप है कि अन्य कंपनियों पर दबाव बनाकर काम करने से रोका जाता रहा है, जिसके चलते खदान क्षेत्र में आए दिन तनाव की स्थिति बनी रहती है। इस पूरे माहौल से खदान में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारी भी असहज महसूस कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बीती रात केपीएल (KCPL) कंपनी के कोयला लिफ्टिंग कर्मचारियों और के.के. एंटरप्राइजेज से जुड़े लोगों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि के.के. एंटरप्राइजेज से जुड़े कथित बाउंसरों ने केपीएल कंपनी के कर्मचारियों के साथ जमकर मारपीट की, जिससे कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच खदान परिसर में हाथापाई और अफरा-तफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही दीपका थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं घायलों का इलाज जारी है।
यह पहला मामला नहीं बताया जा रहा है। करीब एक वर्ष पहले पाली क्षेत्र में भी कोयला लिफ्टिंग को लेकर इसी तरह की हिंसक घटना सामने आई थी, जिसे समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया। अब गेवरा में हुए इस बवाल के बाद आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में दीपका और आसपास के इलाकों में भी हालात बिगड़ सकते हैं।











