कोरबा जिले के रेलवे लाइन स्थित इंदिरा नगर एवं फोकट पारा बस्ती में रेलवे प्रशासन द्वारा लगभग 250 परिवारों को मकान खाली करने का नोटिस जारी किए जाने से क्षेत्र में भारी चिंता का माहौल बन गया है। इस कार्रवाई से करीब 1000 से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे पिछले 50–60 वर्षों से यहां निवासरत हैं और नियमित रूप से नगर निगम टैक्स व बिजली बिल का भुगतान करते आ रहे हैं। अचानक मिले नोटिस के बाद लोग विस्थापन के डर से मानसिक तनाव में हैं।
इस गंभीर समस्या को लेकर पीड़ित परिवारों ने लिखित आवेदन के माध्यम से जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और पूरा समर्थन व सहयोग का आश्वासन दिया।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने स्पष्ट किया कि वे छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। संगठन ने कहा कि इस विस्थापन के मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान आयोजित बैठक में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री सुरेन्द्र राठौर, जिला अध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना जिला संयोजक नवल साहू, जिलाध्यक्ष सुरजीत सोनी, जिला उपाध्यक्ष राकेश यादव, जिला महामंत्री राकेश सूर्यवंशी, महिला जिला महासचिव प्रेरणा कुर्रे, सुनीता खूंटे, सूर्य देव, कन्हैया, राधे, बालको खड़ अध्यक्ष संदीप चौहान, उपाध्यक्ष रामेश्वर यादव, सेनानी ओम मानिकपुरी, सूर्या सहित संगठन के जिला एवं खंड स्तर के दर्जनों पदाधिकारी और सेनानी मौजूद रहे।
👉 यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है और प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि संगठनों के हस्तक्षेप से उन्हें न्याय मिलेगा।











