कोरबा। पूरे जिला ही नहीं, बल्कि प्रदेशभर में सनसनी फैलाने वाली तीन संदिग्ध मौतों की गुत्थी अब धीरे-धीरे खुलती नज़र आ रही है। पुलिस लगातार पड़ताल में जुटी है, और इसी क्रम में आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर सीन ऑफ क्राइम का रिक्रिएशन भी कराया गया।
जांच में न सिर्फ चौंकाने वाले खुलासे हुए, बल्कि पूरे घटनाक्रम ने नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं। क्या सच में तंत्र-मंत्र में उलझकर तीन लोग मारे गए? या फिर सोची-समझी साजिश को तांत्रिक क्रिया का नाम देकर अंजाम दिया गया?
फिलहाल, पुलिस जांच जारी है, मगर लोगों के मन की आशंकाएं अभी भी जस की तस हैं।
💰 “5 लाख को 50 गुना करने” वाला झारन तंत्र — और मौत की काली रात
कहानी शुरू होती है बरबसपुर के ग्राम कुदरी में बने अशरफ मेमन के फार्महाउस से।
यहीं 5 लाख रुपये को “50 गुना” करने की लालच में एक कथित झारन विधि कराई गई।
और इसी तांत्रिक क्रिया के दौरान
सुरेश साहू (44) निवासी डीडीएम रोड कोरबा
अशरफ मेमन (48) निवासी पुरानी बस्ती कोरबा
नितीश रात्रे (30) निवासी मोपका भाठापारा, बलौदा बाजार (हाल — तिफरा, बिलासपुर)
तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
👁️ चश्मदीदों की गवाही — “गले में फंदा डालकर खींचा गया”
गवाह मनीष चौधरी और विष्णु दिवाकर ने पुलिस को बताया कि
तांत्रिक अशिष दास और उसके सहयोगियों ने एक राय होकर
तांत्रिक क्रिया के नाम पर तीनों मृतकों के गले में नाइलॉन की रस्सी डालकर खींचा और उनकी जान चली गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी इसे साफ कर दिया—
मौत का कारण: लिगेचर स्ट्रैंग्युलेशन (रस्सी से गला घोंटना)
डेथ का तरीका: हत्या (Homicidal)
यानी यह कोई तांत्रिक एक्सीडेंट नहीं, बल्कि सीधी-सीधी हत्या है।
🚨 6 आरोपी गिरफ्तार — BNS की धारा 103(1), 61(2) के तहत केस दर्ज
पुलिस ने जिन आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज किया है, वे हैं:
- तांत्रिक अशिष दास
- राजेंद्र कुमार जोगी
- केशव सूर्यवंशी
- अश्वनी कुर्रे
- भागवत दास
- संजय साहू
सभी की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को जोड़कर अंतिम पज़ल सुलझाने में लगी हुई है।
💬 जनता के सवाल अब भी ज़िंदा…
क्या यह सब पहले से प्लान की गई हत्या थी?
क्या असली मकसद पैसे थे?
क्या तंत्र-मंत्र सिर्फ एक बहाना था?
हालांकि पुलिस जांच की रफ्तार तेज है, पर लोगों में फैली सनसनी और शक अभी खत्म नहीं हो रहे हैं।











