बीजापुर, छत्तीसगढ़ | वाइल्डलाइफ न्यूज़
छत्तीसगढ़ के वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य के इंद्रावती टाइगर रिज़र्व में पहली बार स्मूथ-कोटेड ऊदबिलाव (Smooth-Coated Otter) यानी Lutrogale perspicillata की स्पष्ट तस्वीरें कैमरे में कैद की गई हैं।
यह खोज छत्तीसगढ़ में इस प्रजाति की पहली फोटोग्राफिक पुष्टि है, जिसे हाल ही में IUCN Otter Specialist Group Bulletin में प्रकाशित शोध पत्र में प्रमाणित किया गया है।
🔬 किसने किया यह शोध
यह अध्ययन नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी की टीम — म. सुरज, मोइज़ अहमद, आलोक कुमार साहू, कृष्णेंदु बसाक और मयंक बागची — ने इंद्रावती टाइगर रिज़र्व के डिप्टी डायरेक्टर श्री संदीप बल्गा (IFS) के सहयोग से किया।
मुख्य शोधकर्ता म. सुरज ने कहा,
“इंद्रावती नदी तंत्र में स्मूथ-कोटेड ऊदबिलाव का मिलना दर्शाता है कि यदि आवास सुरक्षित रखे जाएं, तो प्रकृति स्वयं को पुनर्जीवित कर सकती है।”
🦦 स्मूथ-कोटेड ऊदबिलाव: एक नजर में
श्रेणी विवरण
वैज्ञानिक नाम Lutrogale perspicillata
आकार लंबाई 1–1.3 मीटर, वजन 7–12 किलो
रंग हल्का भूरा से गहरा चॉकलेट ब्राउन
विशेषता चिकना, चमकदार फर और वेब्ड पैर
मुख्य भोजन मछलियाँ, केकड़े, झींगे, मेंढक
स्वभाव सामाजिक प्राणी, समूहों में रहते हैं (5–15 सदस्य)
🌏 भारत में कहाँ पाए जाते हैं
यह प्रजाति भारत, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड और कंबोडिया तक फैली हुई है।
भारत में मुख्यतः गंगा, गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा नदियों और सुंदरबन मैंग्रोव क्षेत्र में मिलती है।
📸 टीम ने क्या देखा
शोधकर्ताओं ने ऊदबिलावों को
नदी में तैरते व मछली पकड़ते,
एक-दूसरे की सफाई करते,
रेत में लोटते,
और यहां तक कि मगरमच्छ को खदेड़ते हुए भी कैमरे में कैद किया।
यह व्यवहारिक दृष्टि से एक दुर्लभ अवलोकन माना जा रहा है।
🗣️ स्थानीय जानकारी से मिली सफलता
टीम को इन ऊदबिलावों की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों से मिली, जो इन्हें “नीर बिल्ली (जल बिल्ली)” के नाम से जानते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह जीव अक्सर उनकी मछली पकड़ने की जाल को काट देता है।
इसके बाद दल ने इंद्रावती नदी के 15 किमी क्षेत्र में तीन महीने तक सर्वे किया और कैमरे से स्पष्ट तस्वीरें लीं।
⚠️ संरक्षण की स्थिति
स्मूथ-कोटेड ऊदबिलाव को
IUCN रेड लिस्ट में Vulnerable (संकटग्रस्त) प्रजाति के रूप में, और
भारत के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची–I में शामिल किया गया है।
“ऊदबिलाव नदियों की सेहत का सूचक प्राणी है। जहां यह जीवित है, वहां की नदी भी जीवित है।”
— मोइज़ अहमद, सह-शोधकर्ता
🐾 अब छत्तीसगढ़ में तीनों ऊदबिलाव प्रजातियाँ
इस खोज के साथ छत्तीसगढ़ अब उन गिने-चुने राज्यों में शामिल हो गया है, जहां भारत की तीनों ऊदबिलाव प्रजातियाँ पाई जाती हैं —
- स्मूथ-कोटेड ऑटर (Lutrogale perspicillata)
- एशियाई स्मॉल-क्लॉड ऑटर (Aonyx cinereus)
- यूरेशियन ऑटर (Lutra lutra)
यह राज्य की नदी पारिस्थितिकी की समृद्धि का संकेत है।
🌱 आगे की राह
छत्तीसगढ़ के पीसीसीएफ (वन्यजीव) श्री अरुण पाण्डेय ने कहा,
“विलुप्तप्राय ऊदबिलाव की खोज के बाद विभाग इसके संरक्षण और संवर्धन के ठोस प्रयास करेगा। स्थानीय समुदायों की जागरूकता इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
शोधकर्ताओं ने इंद्रावती और गोदावरी नदी तंत्रों में व्यापक सर्वेक्षण और समुदाय आधारित संरक्षण कार्यक्रम शुरू करने की सिफारिश की है।











