Raigarh Ration Card Verification News:
छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में राशन कार्ड निरस्त होने की संभावना जताई जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा जारी सूची में रायगढ़ जिले के करीब 1.61 लाख राशन कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं। इनमें से अब तक केवल 70,000 कार्डों का ही सत्यापन पूरा हो पाया है, जबकि लगभग 90,000 कार्डों की जांच अभी भी लंबित है।
न सत्यापन पूरा, न कार्रवाई तेज — विभाग पर उठ रहे सवाल
केंद्र सरकार ने खाद्य विभाग को निर्देश दिए थे कि जिन राशन कार्डों में नाम, पता, आधार नंबर या बायोमैट्रिक जानकारी गलत है, उनका सत्यापन कर कार्रवाई की जाए। लेकिन रायगढ़ जिले में सत्यापन की रफ्तार बेहद धीमी है।
विपक्ष का आरोप है कि “जांच में जानबूझकर देरी की जा रही है ताकि फर्जीवाड़ा उजागर न हो सके।”
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा शासनकाल में फर्जी राशन कार्ड बनाकर राशन की बंदरबांट की गई, और अब प्रशासन जांच को धीमा कर रहा है ताकि बड़े घोटाले सामने न आएं।
क्यों हैं इतने कार्ड संदिग्ध?
सूत्रों के मुताबिक, जिन कार्डधारकों के
नाम या पते में त्रुटि है,
आधार लिंक नहीं है,
या जिन्होंने लंबे समय से राशन नहीं लिया है,
वे सभी “संदिग्ध सूची” में शामिल हैं।
इनमें कई कार्ड ऐसे भी हैं जिनमें आधार नंबर मेल नहीं खा रहे हैं।
विभाग ने दी सफाई — धान खरीदी के कारण हुई देरी
वहीं, खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि धान खरीदी कार्य में व्यस्तता की वजह से सत्यापन की प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई है। अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही 100% सत्यापन पूरा कर लिया जाएगा, और जो कार्ड गलत या फर्जी पाए जाएंगे, उन्हें नियमों के तहत निरस्त (delete) किया जाएगा।
नतीजा: जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई
अगर जांच पूरी होती है, तो रायगढ़ जिले में 1.50 लाख से ज्यादा राशन कार्ड रद्द किए जा सकते हैं। इससे हजारों परिवारों की चावल, शक्कर और अन्य खाद्य सामग्री पर मिलने वाली सरकारी सुविधा बंद हो सकती है।











