कोरबा। मशहूर हरियाणवी डांसर और सिंगर सपना चौधरी का कोरबा में हुआ पहला कार्यक्रम हंगामे और अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। ऊर्जा की नगरी में आयोजित यह इवेंट उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। बताया जा रहा है कि सपना चौधरी और उनकी टीम को पुलिस सुरक्षा में कार्यक्रम स्थल से निकलना पड़ा।
💥 कमरे में घुसने की कोशिश, जान से मारने की धमकी
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद देर रात सपना चौधरी जब अपने कमरे में आराम कर रही थीं, तभी कुछ लोगों ने दरवाज़ा तोड़ने की कोशिश की। उनके अनुसार, बाहर मौजूद चार लोगों ने गाली-गलौज और गोली मारने की धमकी दी। सपना ने बताया कि उनकी टीम से झगड़ा और मारपीट की गई, भीड़ इकट्ठी की गई और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
जश्न रिसोर्ट के मालिक करणदीप की तत्परता और समय पर पहुंची पुलिस टीम की वजह से ही सपना और उनकी टीम सुरक्षित बाहर निकल सकी।
🚨 FIR दर्ज, लूट और मारपीट का मामला
इस मामले में जश्न रिसोर्ट के मालिक करणदीप सिंह ने चार आरोपियों के खिलाफ कोरबा कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कार्यक्रम से जुड़े पैसों को लेकर विवाद किया, मारपीट की, तोड़फोड़ की, CCTV का DVR और ₹10,000 नगद लूट लिए, जिससे करीब ₹7 लाख का नुकसान हुआ है।
करणदीप ने अपने भाई और स्टाफ से भी मारपीट किए जाने की शिकायत की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🎤 सिर्फ एक घंटे चला शो, मची अफरातफरी
सपना चौधरी का यह शो करीब ढाई घंटे का तय था, लेकिन सिर्फ एक घंटे में ही समाप्त करना पड़ा। मंच पर लगातार हुल्लड़बाजी, पैसे फेंकने और लोगों के स्टेज पर चढ़ने की कोशिशों से सपना नाराज़ दिखीं। उन्होंने दर्शकों से कई बार संयम रखने की अपील भी की।
अव्यवस्थाओं और बदतमीजी के चलते सपना ने कुछ गानों पर ही परफॉर्म किया और कार्यक्रम को बीच में ही समाप्त करना पड़ा।
⚖️ पुलिस ने दर्ज किया काउंटर केस
घटना के बाद दोनों पक्षों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। कोरबा के सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि जश्न रिसोर्ट में हुए विवाद को लेकर काउंटर केस दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रशासन को पहले ही आयोजन की अनुमति पर आपत्ति थी, लेकिन उच्च अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद कार्यक्रम आयोजित हुआ।
🏙️ कोरबा की छवि पर सवाल
यह कार्यक्रम कोरबा का पहला बड़ा “सेलेब्रिटी शो” था, जिसमें कोरबा समेत बिलासपुर, जांजगीर-चांपा से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसे VIP इवेंट बताया गया था, पर हकीकत में यह अव्यवस्था और भीड़तंत्र का उदाहरण बन गया।
शहरवासियों और दर्शकों का कहना है कि ऐसे आयोजनों में स्थानीय प्रशासन और आयोजकों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोरबा की छवि पर कोई आंच न आए।











