कोरबा (छत्तीसगढ़)। साइबर अपराध पर शिकंजा कसते हुए कोरबा पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी की रकम ट्रांसफर करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर की गई।
पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना और थाना कुसमुंडा की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
🔎 क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसे लालच में आकर खाता धारक साइबर ठगों को उपलब्ध करा देता है। ठगी की रकम इन्हीं खातों में जमा कराई जाती है ताकि असली अपराधियों की पहचान छिपाई जा सके।
👉 अक्सर ऐसे खातों में देश के अलग-अलग राज्यों से ठगी की रकम ट्रांसफर होती है।
📌 मामला क्या है?
तकनीकी विश्लेषण के दौरान पाया गया कि थाना कुसमुंडा क्षेत्र के कुछ व्यक्तियों ने नए बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगों को उपयोग के लिए दिया। इन खातों का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों में की गई साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने में किया गया।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर संयुक्त पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
👮 गिरफ्तार आरोपी
एम. डी. तवरेज (23 वर्ष) – आनंद नगर, कुसमुंडा
पुष्पेंद्र साहू (22 वर्ष) – आनंद नगर, कुसमुंडा
⚖️ कानूनी कार्रवाई
दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 318(4), 61(2)(ए) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
दिनांक 08 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 21 फरवरी 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
🚨 पुलिस की अपील
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:
अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक या ओटीपी किसी को भी न दें।
लालच में आकर खाता किराए पर देना दंडनीय अपराध है।
साइबर ठगी की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी साइबर थाना में दें।
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