कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत पर केंद्र सख्त, तमिलनाडु सरकार पर एक्शन न लेने के आरोप
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नई दिल्ली: देशभर में कोल्ड्रिफ कफ सिरप (Coldrif Cough Syrup) से अब तक 20 मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। जांच में यह पाया गया कि इस सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol – DEG) की मात्रा मानक सीमा से करीब 500 गुना अधिक थी। यह एक घातक औद्योगिक रसायन है, जो शरीर में पहुंचने पर किडनी फेल्योर का कारण बनता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस गंभीर मामले पर तमिलनाडु सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह केंद्र और राज्य के बीच “ब्लेम गेम” नहीं बल्कि जवाबदेही तय करने का मामला है।
सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) और डीसीजीआई (DCGI) की सिफारिशों के बावजूद न तो कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया और न ही निर्माण लाइसेंस रद्द किया।
केंद्र का कहना है कि जब इतने स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे, तो राज्य सरकार की जिम्मेदारी थी कि वह तुरंत कार्रवाई करती। मंत्रालय का रुख साफ है—यह दोषारोपण नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय करने का समय है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कंपनी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो।
