संविधान दिवस के मौके पर संसद भवन में भारतीय संविधान का अनुवादित संस्करण 9 नई भाषाओं में जारी किया गया।”

संविधान दिवस के मौके पर संसद भवन में भारतीय संविधान का अनुवादित संस्करण 9 नई भाषाओं में जारी किया गया।”


आज 26 नवंबर को पूरे देश में 76वां संविधान दिवस मनाया गया। इस खास अवसर पर Samvidhan Sadan यानी पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस समारोह की सबसे बड़ी उपलब्धि रही—
👉 भारतीय संविधान का नौ भाषाओं में अनुवादित संस्करण जारी किया जाना।

इन भाषाओं में शामिल हैं:
मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओड़िया और असमिया।

इस ऐतिहासिक मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ करवाया, जिसमें कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष सहित अनेक मंत्री और सांसद मौजूद रहे।

इसके साथ ही “भारत के संविधान में कला और क़ैलीग्राफी” नाम की एक विशेष स्मारक पुस्तिका भी जारी की गई, जिसमें संविधान की मूल सजावट, डिजाइन और ऐतिहासिक मूल्य को खूबसूरत तरीके से दिखाया गया है।


🌟 क्यों है यह कदम महत्वपूर्ण?

भारत की भाषाई विविधता को देखते हुए, संविधान का अपनी मातृभाषा में उपलब्ध होना नागरिकों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर समझने में मदद करेगा।
यह कदम संविधान को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।