अयोध्या एक बार फिर भव्य आयोजन का केंद्र बनने जा रही है। 25 नवंबर 2025 को राम मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्म ध्वजा फहराएंगे, जिसकी तैयारियाँ तेज़ी से जारी हैं।
आपको बता दें कि 22 जनवरी 2024 को रामलला के दिव्य राममंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित थे। अब करीब दो साल बाद, राम मंदिर के मुख्य निर्माण कार्य के पूर्ण होने का प्रतीक यह ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जा रहा है।
सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा
ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों को देखने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं अयोध्या पहुँचे।
उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की, इसके बाद राम मंदिर पहुँचकर रामलला के दर्शन किए और आरती उतारी।
रामलला के दर्शन पश्चात सीएम योगी ने लगभग दो घंटे तक एक-एक बिंदु पर तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मंदिर के शिखर पर ध्वजा फहराने का ट्रायल भी किया गया। अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम से पहले कई और बार ट्रायल किया जाएगा।
ध्वजारोहण समारोह का महत्व
25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 फीट ऊंचा भगवा ध्वज राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाएगा।
यह आयोजन —
राम मंदिर के मुख्य निर्माण पूर्ण होने का सूचक है
प्रधानमंत्री के साथ RSS प्रमुख मोहन भागवत, सीएम योगी आदित्यनाथ, हजारों संत और विशिष्ट अतिथि इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे
यह विशेष समारोह विवाह पंचमी के पावन दिन पर हो रहा है, जिसे भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह दिवस के रूप में मनाया जाता है
इस भव्य आयोजन के साथ अयोध्या एक बार फिर दीपों की रोशनी और श्रद्धा की चमक से जगमगा उठेगी।















