कुसमुंडा में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का आंदोलन: 9 नवंबर को नीलकंठ कंपनी के खिलाफ पुतला दहन और तालाबंदी की चेतावनी

कुसमुंडा में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का आंदोलन: 9 नवंबर को नीलकंठ कंपनी के खिलाफ पुतला दहन और तालाबंदी की चेतावनी

कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र की ठेका कंपनी नीलकंठ में स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलने से नाराज छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने 9 नवंबर 2025 को पुतला दहन और तालाबंदी आंदोलन करने की घोषणा की है। यह जानकारी संगठन के खंड अध्यक्ष कैलाश साहू ने दी।

संगठन का आरोप है कि 11 अक्टूबर 2025 को प्रशासन और कंपनी प्रबंधन को लिखे पत्र में यह मांग की गई थी कि कंपनी में कार्यरत बाहरी (गैर-स्थानीय) कर्मचारियों को हटाकर स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिया जाए। लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद कंपनी प्रबंधन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।

क्रांति सेना का कहना है कि पहले एसडीएम कटघोरा और ग्राम प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कंपनी के एचआर प्रमुख मुकेश सिंह ने स्थानीय लोगों को रोजगार देने पर सहमति जताई थी, लेकिन अब तक कोई नियुक्ति नहीं हुई। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की गई, तो 9 नवंबर को कंपनी गेट पर पुतला दहन, तालाबंदी और उत्पादन कार्य बंद किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी और एसईसीएल प्रबंधन की होगी।


कंपनी का पक्ष: “825 से अधिक स्थानीय लोग पहले से कार्यरत, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाई जाती है”

वहीं दूसरी ओर, नीलकंठ कंपनी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपने पक्ष को स्पष्ट किया है। कंपनी ने कहा कि वह पिछले चार वर्षों से कुसमुंडा खदान में मिट्टी और कोयला उत्खनन कार्य कर रही है, जिसमें पाली, पड़निया, जटराज, सोनपुरी, बरकुटा, रिसदी, खोडरी, खैरभावना, बरपाली, गेवरा बस्ती सहित आसपास के 825 से अधिक स्थानीय लोग कार्यरत हैं।

कंपनी के अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया एसईसीएल कुसमुंडा कार्यालय द्वारा गठित कमेटी की सूची के आधार पर पारदर्शी ढंग से की जाती है। कंपनी ने यह भी बताया कि 28 अक्टूबर 2024 को हुई बैठक में यह तय किया गया था कि 70% नियुक्ति स्थानीय प्रभावित गांवों से और 30% कंपनी के विवेकानुसार की जाएगी — जिसका पालन नीलकंठ कंपनी ईमानदारीपूर्वक कर रही है।

नीलकंठ कंपनी ने यह भी कहा कि वह किसी भी प्रकार की सीधी (डायरेक्ट) भर्ती नहीं करती। इच्छुक अभ्यर्थियों को पहले एसईसीएल कुसमुंडा कार्यालय में आवेदन जमा करना होता है।

कंपनी ने दावा किया कि वह अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन, बोनस, राष्ट्रीय अवकाश वेतन, सुरक्षा उपकरण, आईडी कार्ड, और 8 घंटे की मजदूरी जैसे सभी लाभ उपलब्ध कराती है। साथ ही कंपनी सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रूप से भाग लेती है।

अंत में, कंपनी ने स्थानीय युवाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के दबाव या विरोध में न आएं और नियुक्ति के लिए एसईसीएल की निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें।