Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए भीषण ट्रेन हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, बिलासपुर स्टेशन के पास मेमू लोकल और मालगाड़ी के बीच जबरदस्त टक्कर हुई, जिसमें अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, 14 घायलों का इलाज शहर के तीन अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
🏥 तीन हॉस्पिटल में जारी घायलों का इलाज
सिम्स अस्पताल में 5 लोगों का इलाज किया जा रहा है —
- मथुरा भास्कर – परसदा, बिलासपुर
- चौरा भास्कर – परसदा, बिलासपुर
- शत्रुघन – परसदा, बिलासपुर
- गीता देव नाथ – हेमु नगर, बिलासपुर
- मिहबीश – नैला, जांजगीर
अपोलो अस्पताल में दो लोग भर्ती हैं —
- रश्मि
- संतोष हंसराज
सेंट्रल हॉस्पिटल, बिलासपुर में 6 लोगों का इलाज जारी है —
- कविता यादव – झंडा चौक, रायपुर
- अंजला साहू – कपन
- श्याम देवी गौतम – कपन
- प्रीतम कुमार – जयराम नगर
- शैलेश चंद्रा – सिरगिट्टी, बिलासपुर
- एक अज्ञात बच्चा
💔 मासूम बच्चे की कहानी ने सबको भावुक किया
हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल है, जिसके माता-पिता दोनों का इस दुर्घटना में निधन हो चुका है। बच्चे का इलाज फिलहाल अस्पताल में जारी है।
💰 मुआवजे की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे में मारे गए यात्रियों के परिजनों को ₹5 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है, वहीं घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक मदद दी जाएगी।
इसके अलावा, रेलवे प्रशासन ने भी राहत राशि की घोषणा की है —
मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख
गंभीर रूप से घायल यात्रियों को ₹5 लाख
सामान्य रूप से घायल यात्रियों को ₹1 लाख
🚑 राहत और बचाव कार्य जारी
रेल प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
☎️ आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों एवं उनके परिजनों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं —
बिलासपुर – 7777857335, 7869953330
चांपा – 8085956528
रायगढ़ – 9752485600
पेंड्रा रोड – 8294730162
कोरबा – 7869953330
उसुलापुर – 7777857338
परिजन इन नंबरों पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
🔍 जांच के आदेश
रेलवे ने इस हादसे की जांच Railway Safety Commissioner (CRS) स्तर पर कराने का निर्णय लिया है ताकि घटना के कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।











